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समाज कल्याण विभाग की पहल से शुभम को मिला जीवन का नया सहारा…

मोहला 23 जुलाई 2026। कहा जाता है कि यदि कठिन परिस्थितियों में समय पर सही सहयोग मिल जाए, तो जीवन की राहें आसान हो जाती हैं। ग्राम बांधाबाजार के निवासी शुभम कुमार गंधर्व की कहानी इसी विश्वास का जीवंत उदाहरण है।

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जन्म से कुछ समय बाद ही पोलियो से प्रभावित होने के कारण शुभम 90 प्रतिशत दिव्यांगता के साथ जीवन जी रहे हैं। बचपन से ही उनके लिए सामान्य बच्चों की तरह चलना-फिरना, खेलना-कूदना और अपने दैनिक कार्य स्वयं करना संभव नहीं था। हर छोटी-बड़ी आवश्यकता के लिए उन्हें अपने माता-पिता का सहारा लेना पड़ता था।


शुभम की इस कठिन यात्रा में उनके माता-पिता ने कभी उनका साथ नहीं छोड़ा। उनकी माता ने उन्हें चलने में सहायता देने के लिए लकड़ी का एक सहारा भी तैयार किया था, जिसके सहारे वे धीरे-धीरे चलने का प्रयास करते थे।

बावजूद इसके, उनकी आवाजाही सीमित थी और परिवार को भी उनकी देखभाल में अनेक चुनौतियों का सामना करना पड़ता था। आर्थिक और शारीरिक कठिनाइयों के बीच भी परिवार ने शुभम के बेहतर भविष्य की उम्मीद नहीं छोड़ी।


इसी दौरान समाज कल्याण विभाग द्वारा दिव्यांगजनों को सहायक उपकरण उपलब्ध कराए जाने की जानकारी परिवार को मिली। विभाग में आवेदन करने के बाद शुभम को शीघ्र ही वॉकर उपलब्ध कराया गया। यह सहायता उनके जीवन में एक महत्वपूर्ण परिवर्तन लेकर आई।

वॉकर मिलने के बाद उनकी चलने-फिरने की क्षमता में सुधार हुआ, आत्मविश्वास बढ़ा और वे पहले की अपेक्षा अधिक सहजता से अपने दैनिक कार्यों में भाग लेने लगे।

यह सहयोग उनके लिए केवल एक सहायक उपकरण तक सीमित नहीं रहा, बल्कि आत्मनिर्भरता, सम्मान और नए आत्मविश्वास की ओर बढ़ाया गया एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ। वॉकर मिलने से मेरे जीवन में बहुत बड़ा बदलाव आया है।


शुभम के पिता श्री अरुण कुमार गंधर्व ने शासन एवं प्रशासन द्वारा दिव्यांगजनों के लिए चलाई जा रही योजनाओं के लिए धन्यवाद ज्ञापित किया। इस सहायता ने मेरे बेटे के जीवन को आसान बनाया है और आगे बढ़ने का नया हौसला दिया है।

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