राजनांदगांव : मुसरा स्कूल ग्राउंड बना शराबियों का अड्डा, स्कूली बच्चे करते हैं साफ सफाई…

राजनांदगांव।  सड़क शिक्षा और समाज के  विकास की मूल अवधारणा को केंद्र में रखकर प्रदेश को विकास की ऊंचाई में ले जाना ही शासन की उपलब्धियां कहलाती है।परन्तु उदाहरण दे तो एक छोटे से गांव मुसरा कला जो जिला मुख्यालय से 20 किलोमीटर और ब्लाक से महज 11 कि मि .की दुरी में स्थित है शासन और प्रशासन की उदासीनता के चलते इस में गांव विकाश का मायने ही बदल गए है 

बच्चे बूढ़े जवान शराब और गांजा बेचे जाने को पेसन समझने लगे है और अधिकतर यहां के लोग शराब और चखना बेचते है गांव के मुख्य चौराहे पर खुले आम शराब और चखना दूकान लगाकर बेचा जा रहा है गांजा ,मांस ,और मदिरा का हब बन चूका ये गांव शिक्षा के क्षेत्र में पिछड़ते जा रहा है बिच चौराहे पर मांस और अंडा तलाई किये जाने के कारण बगल में स्थित बालिका मिडिल स्कुल एवं आंगन बाड़ी केंद्र के परिसर में लोग बैठकर शराब और मांस का मजा लेते है

और सुबह स्कुल की बालिकाएं शराबियों के फैलाये गंदगी को स्वतः साफ करने मजबूर होते है जिसका समाज में बहुत बुरा असर देखने को मिल रहा है इस विषय पर ग्राम पंचायत मुसरा की सरपंच गायत्री टेम्भुरकर से बातचीत करने उन्होंने कहा कि इस विषय को थाना प्रभारी डोंगरगढ़ को सूचित किया गया था परन्तु 150 गांव का प्रभार होना तथा सभी जगह  कार्यवाही या गस्त करना संभव नहीं है बताया गया ग्राम पंचायत अपने स्तर से चखना दुकान को स्कुल के पास से दूर हटाने की कारवाही कर रही है।