राजनांदगांव: संत कबीर के मानवता वादी विचारों से होगी शांती की स्थापना- संत प्रभाकर साहेब राजनांदगांव…

संत कबीर के मानवता वादी विचारों से होगी शांती की स्थापना- संत प्रभाकर साहेब
राजनांदगांव,
यहाँ पदम श्री गोविन्दराम निर्मलकर आडिटोरियम में जिला कबीर पंथ समाज के तत्वाधान में दो दिवसीय सद्गुरु कबीर विचार संगोष्ठी का आयोजन किया गया। जिसमें प्रमुख कबीर पंथाचार्यो, सर्वधर्माचार्यों व विद्वानों द्वारा सद्गुरु कबीर साहेब के जीवन दर्शन पर प्रकाश डाला और कबीर की वाणी विचारों,आदर्शों, सिद्धान्तों ,उपदेशों को वर्तमान समय परिस्थितियों में सर्वाधिक प्रासंगिक व व्यावहारिक बताया। इस अवसर पर शिक्षा नगरी कोटा से पधारे मुख्य प्रवक्ता संत प्रभाकर साहेब ने कहा कि भारतीय संत परम्परा में सद्गुरु कबीर का विशिष्ट स्थान है। कबीर साहेब ने जाति पांत वर्ग भेद से ऊपर उठकर मानवता की बात की इसलिए वो सबके चहेते बने। संसार के झगडों को मिटाना है तो मानवता को जगाना होगा। मनुष्य को सम्मान देना होगा। आज वस्तुओं की कीमत बढी है लेकिन मनुष्य की कीमत घट रही है।


प्रभाकर साहेब ने आगे कहा कि श्रृष्टि में मनुष्य को ही वाणी का वरदान प्राप्त है किंतु इसका उपयोग करना न आये तो यह अभिशाप बन जाती है, वाणी के गलत उपयोग के कारण तब ही नहीं अब भी महाभारत हो जाता है। ऐसी दुर्घटनाओं से बचने के लिए कबीर साहेब का सूत्र -वाणी एक अमोल है जो कोई बोले जान। हिय तराजू तोल के तब मुख बाहर आन। को अपनाना होगा।


कबीर मठ नादिया के धर्माधिकारी सत्येंद्र साहेब ने कहा कि कबीर के विचारों से न केवल देश की एकता व अखण्डता को सुरक्षित रखा जाता सकता है बल्कि विश्व बंधुत्व की भावना को साकार करती है।
मुरमुंदा कबीर आश्रम से पधारे महात्मा लेख चंद ने कहा कि कबीर साहेब के शब्दों में चुम्बकीय आकर्षण जो भी उन्हें अपना लेते वह काल रूपी कल्पना के प्रभाव से मुक्त हो जाता है।


साध्वी शिखा बिहार ने कहा है कि आज जब दुनिया की निगाह भारत की और है हम पाश्चात्य संस्कृति का अंधानुकरण कर पारिवारिक व सामाजिक पतन के की और उन्मुख हो रहे आज आज मात-पिता को वृद्धाश्रम में कुत्ता को बेडरूम में गाय को रोड़ पर और बिलाई को गोद में खिलाया जा रहा है।


साधू यतीन्द्र साहेब ने कहा कि लोग जहाँ दूसरों के घर फूंक कर शांति खोजते है कबीर अपने अंदर घर किये विकारों को जलाने की बात करते हैं। स्वयं को सुधारे बिना सत्ता नहीं सुधरेगी।


गोष्ठी में डॉक्टर हरनाम सिंह , एडवोकेट शाकिर कुरैशी , महंत तुलसी दास साहब, महंत बासा दास डॉक्टर परस दास साहब वह चंद्रकला साहब ने भी सतगुरु कबीर के वाणियों से हजारों की संख्या में उपस्थित जन समूह को संबोधित किया।


कार्यक्रम में पद्म श्री भारती बंधु, व लोकगायक तारासिंह डोडवे ने ‘जरा हल्के गाड़ी हांको’ ‘जहाँ देखो जहाँ तू ही तू’ ‘पानी में मीन पियासी’ सरीखे कबीर भजनों की प्रस्तुतियों से श्रद्धालुओं का मन मोह लिया, ताना बाना ग्रुप के संत देवेंद्र, व संत गुरुबोध ने भी कबीर भजनों की प्रस्तुतियां दी।
समारोह में सांसद सतोष पांडे, विधायक दलेश्वर साहू, , महापौर मधुसूदन यादव, कोमल सिंह राजपूत ने भी शिरकत कर कहा कि संत कबीर जन मन की बात समझे थे। उनकी वाणी की गूँज झोपड़ी से महल तक है। महापौर मधुसूदन यादव ने शहर में संत कबीर के नाम से प्रवेश द्वार व संत कबीर चौराहा बनाने की भी घोषणा की।


अंत में जे डी साहू, हरीश साहू, रूप चंद साहू, संतोष साहू, दुर्गाराम साहू, भवानी साहू, कृष्णा साहू, चिंताराम साहू, विप्लव साहू समेत समिति पदाधिकारियों व श्रद्धालुओं ने सद्गुरु संतों की आरती की तथा भण्डारे का आयोजन किया गया।
विप्लव साहू ने मंच का संचालन किया तथा अध्यक्ष जेडी साहू ने आभार व्यक्त किया