
हिन्दुओं की सोच हमेशा भारत को विकसित राष्ट्र बनाने और विश्व के कल्याण की रही

मुख्य वक्ता राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के सह कार्यवाहक अतुल लिमये ने किया संबोधित
राजनांदगांव। चिखली स्थित सर्व समाज मांगलिक भवन के मैदान में रविवार दोपहर विशाल हिंदू सम्मेलन का आयोजन किया गया। हिंदू सम्मेलन के मुख्य वक्ता राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के सह कार्यवाहक अतुल लिमये सहित देशभर के वक्ताओं ने विशाल जन समूह को संबोधित किया। उन्होंने प्राचीन हिंन्दू धर्म के इतिहास और संस्कृति पर प्रकाश डाला। देशभर में हिंन्दू धर्म के विरोध में चल रही गतिविधियों से अवगत कराया। वक्ताओं ने हिंन्दू धर्म की रक्षा करने जात-पात का भेदभाव छोड़ कर एकजुट व मजबूत होने का संदेश दिया।

अतुल लिमये ने राष्ट्र और हिन्दू विरोधी ताकतों पर बातें कही। उन्होंने कहा नक्सलियों का कहना है हथियार छोड़ रहे विचारधारा नहीं जो भारते का बांटने वाली विचारधारा है। ऐसे विचारधारा लाने वाली शक्तियों को पहचाने जो कहती है हम हिंन्दू नहीं हमारा धर्म दूसरा है। विदेशियों ने हमारी रिसर्च की चोरी की और भारत को बड़ा बजार बना दिया। उन विकसित राष्ट्रों ने महिलाओं को वोटर बनाने में 100 लगा दिए। भारत में पुरूषों के साथ महिलाओं को वोटिंग का अधिकार दिया। भारत में हिन्दू धर्म में महिलाओं को बराबर सम्मान दिया है। कार्यक्रम में सांसद संतोष पांडेय, मेयर मधुसूदन यादव, छत्तीसगढ़ पर्यटन बोर्ड अध्यक्ष नीलू शर्मा, पवन डागा, कोमल सिंह राजपूत, डॉ. राघव वर्मा, डॉ. विधि तिवारी, नीरज बाजपेयी, मुरली सिंह भारद्वाज, पार्षद सुनील साहू, विश्व हिन्दू परिषद, बजरंग दल सहित विभिन्न संगठनों के लोग मौजूद रहे।

पशु और पक्षियों में भगवान देखते है यहीं हिंन्दू संस्कृति
हिन्दू धर्म पशु और पक्षियों में भी भगवान को देखते है यही हिन्दू संस्कृति है। मां दुर्गा का वाहन सिंह, शिव जी के गले में नाग देवता, भगवान गणेश का वाहन मूषक है। भारत में कई देवी देवताओं को देखने का पूजने का तरीका अलग है लेकिन हमे मालूम होना चाहिए सभी भगवान एक है यहीं हिंन्दू दृष्टी है। दूसरे धर्म वाले धर्म परिवर्तन कराते है। लेकिन हिन्दू धर्म में ऐसा नहीं किया जाता। केवल भारत में हिन्दू जागरूण काफी नहीं विश्व में हिन्दूओं को एकजुट करना है। हिन्दू धर्म सभी संप्रदायों का सम्मान करना सीखाता है।
भारतीय जहां गए वहां शांति, जहां विदेशी गए वहां अशांति
हिन्दुओं की सोच विकसित भारत और संपूर्ण विश्व का कल्याण की रहती है। विश्वभर के हिन्दूओं को एकजुट होने का संकल्प लेना चाहिए। भारतीय जहां गए वहां सूख-शांति कायम की। विदेशी गए तो खून और आंसूओं की नदिया बही। एकजुट और मजबूत करना केवल राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ का काम नहीं सभी सक्रिय हो। भारत माता के सामने 2 कुंड है। दोनों कुंड भरेंगे तो भारत की विजय होगी। परिश्रम और पसीने से पहला कुंड भरना होगा और जरूरत पड़ी तो खून से दूसरा कुंड भरेंगे। मतांतरण रोकना होगा आंध्र प्रदेश, अरुणाचल, तेलंगना इससे ग्रसित राज्य है।

राष्ट्र का विकास करने हिन्दुओं को एकजुट होना जरूरी
कार्यक्रम संयोजक डॉ राघव वर्मा ने बताया कि विशाल हिन्दू सम्मेलन का उद्देश्य हिन्दू समाज को संगठित करना, हमारी सनातन संस्कृति और परंपराओं के संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाना है। आज समाज को एक सूत्र में पिरोने की आवश्यकता है, ताकि हम सांस्कृतिक मूल्यों के साथ राष्ट्र निर्माण में अपनी भूमिका सशक्त रूप से निभा सकें। सम्मेलन में समाज के सभी वर्गों की सहभागिता उत्साहजनक रही, इसके लिए मैं सभी अतिथियों और नागरिकों का आभार व्यक्त करता हूं।

विश्व हिन्दू सम्मेलन आयोजन समिति के सचिव नीरज बाजपेयी ने कहा हिन्दू सम्मेलन की बधाई देता हूं। राष्ट्र का विकास करने हिन्दुओं को एकजुट होना होगा। संत समाज ने बहुत अच्छे ढंग से हिन्दू सम्मेलन की आवश्यता की बेहतर जानकारी दी। देश लंबे समय तक गुलामी में रहा अब दोबारा ऐसा नहीं हो इसके लिए जागरुक होना होगा तभी राष्ट्र का विकास संभव है। डॉ. राघव वर्मा और डॉ. विधि तिवारी ने कहा हिन्दूओं को एकजुट करने सम्मेलन किया। संतों ने हिन्दू धर्म की रक्षा, जात-पात का भेदभाव मिटाने गौ रक्षा करने का संदेश दिया गया।









































