​राजनांदगांव: एनएसएस शिविर के सांस्कृतिक मंच पर बिखरी लोक कला की छटा, विश्वविद्यालय समन्वयक ने थपथपाई स्वयंसेवकों की पीठ…

स्वच्छता सेवा और अनुशासन की सराहना करते हुए कार्यक्रम समन्वयक श्री जैनेंद्र दीवान ने दी शुभकामनाएँ


​राजनांदगांव | 22 जनवरी, 2026
​राजनांदगांव: शासकीय दिग्विजय स्वशासी स्नातकोत्तर महाविद्यालय द्वारा ग्राम घोरदा में आयोजित सात दिवसीय विशेष एनएसएस शिविर के तृतीय दिवस का समापन एक गरिमामय सांस्कृतिक संध्या के साथ हुआ। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में हेमचंद यादव विश्वविद्यालय, दुर्ग के राष्ट्रीय सेवा योजना कार्यक्रम समन्वयक माननीय श्री जैनेंद्र दीवान उपस्थित रहे।


​मुख्य अतिथि का उद्बोधन और सराहना:
​कार्यक्रम को संबोधित करते हुए श्री जैनेंद्र दीवान ने शिविर की प्रगति पर संतोष व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि ग्राम घोरदा में जिस ऊर्जा और अनुशासन के साथ शिविर का संचालन किया जा रहा है, वह प्रशंसनीय है।


​स्वच्छता कार्य की प्रशंसा: उन्होंने स्वयंसेवकों द्वारा किए जा रहे ‘स्वच्छता सेवा’ कार्यों की विशेष रूप से सराहना की। उन्होंने बताया कि कैसे ये गतिविधियाँ न केवल ग्रामवासियों को लाभान्वित कर रही हैं, बल्कि स्वयंसेवकों में श्रम के प्रति सम्मान भी पैदा कर रही हैं।
​उज्ज्वल भविष्य की कामना: उन्होंने शिविरार्थियों के सेवा भाव को देखते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की और सफल शिविर के लिए अपनी शुभकामनाएँ प्रेषित कीं।


​सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से उत्साहपूर्ण वातावरण:
​बौद्धिक और सेवा कार्यों के पश्चात संध्या काल में सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। स्वयंसेवकों ने लोक नृत्य, गीतों और नाटकों के माध्यम से सामाजिक संदेश दिए, जिससे पूरा वातावरण उत्साह और ऊर्जा से भर गया। ग्रामवासियों ने भी बड़ी संख्या में उपस्थित होकर विद्यार्थियों की प्रस्तुतियों का आनंद लिया।


​नेतृत्व और संचालन:
​कार्यक्रम का सफल संपादन कार्यक्रम अधिकारी प्रो. संजय सप्तर्षि और प्रो. करुणा रावटे के मार्गदर्शन में किया गया। शिविर नायक शिवम यादव एवं नायिका टिकेश्वरी देवांगन ने अतिथियों का स्वागत किया और शिविर की गतिविधियों का प्रतिवेदन प्रस्तुत किया।