राजनांदगांव: उन्नत प्रयोगशाला उपकरणों पर सात दिवसीय राष्ट्रीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का समापन…

राजनांदगांव। शासकीय दिग्विजय स्वशासी स्नातकोत्तर महाविद्यालय राजनांदगाँव में आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ के तत्वावधान में आयोजित सात दिवसीय राष्ट्रीय स्तरीय गहन प्रशिक्षण कार्यक्रम “Advanced Laboratory Instruments for Higher Education Institutions” का सप्तम एवं समापन दिवस दिनांक 12 मार्च 2026 को सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। सात दिनों तक चले इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में प्रतिभागियों को आधुनिक प्रयोगशाला उपकरणों के सिद्धांत, उनके संचालन तथा अनुसंधान में उनके प्रभावी उपयोग की विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। यह कार्यक्रम महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. सुचित्रा गुप्ता के कुशल नेतृत्व तथा IQAC संयोजक प्रो. यूनुस रज़ा बेग के मार्गदर्शन में आयोजित किया गया।
समापन दिवस के प्रथम तकनीकी सत्र में आमंत्रित विषय विशेषज्ञ डॉ. रामाधीन साहू, सहायक प्राध्यापक, शासकीय घनश्याम सिंह गुप्त स्नातकोत्तर महाविद्यालय बालोद ने “Basic Research Instruments for Material Synthesis & Characterization” विषय पर विस्तृत एवं ज्ञानवर्धक व्याख्यान प्रस्तुत किया।

अपने व्याख्यान में उन्होंने आधुनिक अनुसंधान में उपयोग किए जाने वाले कई महत्वपूर्ण उपकरणों जैसे X-ray Diffraction ,Scanning Electron Microscopy ,Fourier Transform Infrared Spectroscopy तथा Photoluminescence विश्लेषण तकनीक के सिद्धांत, कार्यप्रणाली और उनके वैज्ञानिक अनुसंधान में महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि इन उन्नत तकनीकों की सहायता से पदार्थों की संरचना, सतही बनावट तथा उनके रासायनिक और भौतिक गुणों का अत्यंत सटीक अध्ययन किया जा सकता है, जो आधुनिक पदार्थ विज्ञान और नैनो प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में अत्यंत उपयोगी है।
इसके पश्चात कार्यक्रम का समापन सत्र आयोजित किया गया।

IQAC संयोजक प्रो. यूनुस रज़ा बेग ने पिछले सात दिनों में आयोजित सभी सत्रों का संक्षिप्त सार प्रस्तुत करते हुए प्रशिक्षण कार्यक्रम की प्रमुख उपलब्धियों और उद्देश्यों पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि इस प्रशिक्षण कार्यक्रम के माध्यम से प्रतिभागीयों को विभिन्न आधुनिक प्रयोगशाला उपकरणों की कार्यप्रणाली,उनके उपयोग और अनुसंधान में भूमिका के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त हुई ।इस अवसर पर महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. सुचित्रा गुप्ता ने अपने उद्बोधन के दौरान मुख्य अतिथि एबिस ग्रुप के प्रबंध निदेशक मोहम्मद फ़ैयाज़ अहमद के प्रति विशेष आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि उनके उदार सहयोग एवं आर्थिक योगदान के कारण महाविद्यालय में स्किल-आधारित कार्यक्रमों को प्रोत्साहन मिला है तथा प्रशिक्षण से संबंधित कक्ष के निर्माण कार्य को भी गति मिली है।

प्राचार्य महोदया ने उनके इस महत्वपूर्ण सहयोग के लिए महाविद्यालय परिवार की ओर से हार्दिक धन्यवाद ज्ञापित किया।अपने संबोधन में कहा कि इस प्रशिक्षण कार्यक्रम के माध्यम से प्रतिभागियों के भीतर ज्ञान की जो लौ प्रज्ज्वलित हुई है, वह कभी बुझनी नहीं चाहिए। उन्होंने कहा कि इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य प्रतिभागियों को केवल सैद्धांतिक ज्ञान देना नहीं था, बल्कि उन्हें कुशल एवं दक्ष बनाना भी था, ताकि वे अपने-अपने संस्थानों में आधुनिक प्रयोगशाला उपकरणों का प्रभावी उपयोग कर सकें। उन्होंने यह भी कहा कि आज के समय में वैज्ञानिक अनुसंधान की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।उन्होंने आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ के संयोजक प्रो. यूनुस रज़ा बेग एवं समस्त IQAC के सदस्यो के प्रयासों की भी सराहना की तथा इस सात दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम के सफल आयोजन हेतु उन्हें विशेष धन्यवाद दिया।


समापन समारोह के मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित प्रबंध निदेशक मोहम्मद फ़ैयाज़ अहमद उन्होंने अपने उद्बोधन में कहा कि समय बहुत तेजी से बीत जाता है और हमें इसका पता भी नहीं चलता, इसलिए समय रहते स्वयं को प्रशिक्षित और दक्ष बनाना आवश्यक है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि जब हम एक ही स्थान पर लगातार गड्ढा खोदते हैं, तो वहाँ से अनेक प्रकार की चीजें निकलती हैं, उसी प्रकार निरंतर सीखने और अभ्यास से हमारे भीतर छिपी हुई क्षमताएँ भी विकसित होती हैं।कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों द्वारा भी अपने अनुभव साझा किए गए। सुश्री मेघा शर्मा एमएससी रसायनशास्त्र,सुश्री अदिति पटेल एमएससी वनस्पति-शास्त्र और सुश्री श्वेता शुक्ला एमएससी भौतिकशास्त्र ने प्रशिक्षण कार्यक्रम से प्राप्त ज्ञान और अनुभवों के बारे में अपना सकारात्मक फीडबैक दिया। कर्मचारियों की ओर से मुकेश टेम्बुलकर ने भी अपने विचार व्यक्त करते हुए इस प्रशिक्षण कार्यक्रम को अत्यंत उपयोगी बताया।


इस अवसर पर प्रशिक्षण कार्यक्रम में सक्रिय रूप से भाग लेने वाले सभी विद्यार्थियों एवं प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए।
कार्यक्रम का सफल एवं सुव्यवस्थित संचालन प्रो. वंदना मिश्रा द्वारा किया गया। अंत में डॉ. प्रमोद महिष ने विशेष सहयोग के लिए रजिस्ट्रार दीपक परगनिया तथा श्रीमती मंजूषा बाजपेयी सहित सभी अतिथियों, प्राध्यापकगण, कर्मचारियों एवं प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कार्यक्रम को सफल बनाने में सभी के योगदान की सराहना की।