
बिजली लाइनों से दूरी बनाए रखें, जीवन अनमोल है:- कार्यपालक निदेशक शिरीष सेलट निर्माण कार्य,
हाई-वोल्टेज लाइनों के पास धातु की सीढ़ी और गीले बांस का उपयोग पड़ सकता है भारी
राजनांदगांव 22 अप्रैल 2026 – छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड (CSPDCL), राजनांदगांव क्षेत्र के कार्यपालक निदेशक श्री शिरीष सेलट ने विद्युत दुर्घटनाओं पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए उपभोक्ताओं से बिजली के प्रति सजग रहने की पुरजोर अपील की है।
उन्होंने कहा कि बढ़ते बिजली उपयोग और विस्तृत वितरण प्रणाली के बीच एक छोटी सी लापरवाही जानलेवा साबित हो सकती है।श्री सेलट ने बताया कि अक्सर गर्मी और प्री-मानसून सीजन में निर्माण कार्यों के दौरान दीवारों की तराई करते समय, राजमिस्त्री द्वारा काम करते समय या बिजली लाइनों के पास लोहे की सीढ़ी व एंगल के टकराने से दुखद हादसे होते हैं।
इसके अलावा, शादी-ब्याह के पंडालों, खेतों में अवैध बिजली प्रवाह और जीआई (लोहे) के तारों पर कपड़े सुखाने जैसी छोटी गलतियां भी बड़े हादसों को निमंत्रण देती हैं।सुरक्षा हेतु महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश:-लाइनों के नीचे निर्माण से बचें:- 33 के.व्ही., 11 के.व्ही. या एलटी लाइनों के नीचे निर्माण कार्य न करें। यदि अनिवार्य हो, तो विभाग में आवेदन देकर लाइन शिफ्ट कराएं या सुरक्षित दूरी बनाए रखें। आंधी-तूफान में टूटे तारों या गिरे खंभों को हाथ न लगाएं, वे ऊर्जित हो सकते हैं। इसकी सूचना तुरंत विभाग को दें। बिजली लाइनों के पास लोहे की सीढ़ी, लंबे पाइप या गीले बांस का उपयोग कतई न करें।
हाई-वोल्टेज बिजली हवा के माध्यम से भी आर्क बना सकती है। खेतों या घरों में कटिया लगाकर या असुरक्षित तरीके से बिजली का उपयोग करना कानूनन अपराध और जानलेवा है। राजनांदगांव, कबीरधाम, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई और मोहला-मानपुर-अम्बागढ़ चौकी जिलों के उपभोक्ताओं से आग्रह करते हुए कार्यपालक निदेशक ने कहा, आपके जीवन से बढ़कर कुछ भी नहीं है। बिजली के प्रति आपकी थोड़ी सी जागरूकता आपके और आपके परिवार को सुरक्षित रख सकती है। उन्होने सभी उपभोक्ताओं से अपील की है कि किसी भी आपात स्थिति या बिजली संकट की स्थिति में तुरंत नजदीकी बिजली कार्यालय को सूचित करें।
अवैध कनेक्शन और बिजली चोरी पर कड़ी कार्रवाईकार्यपालक निदेशक ने स्पष्ट रूप से कहा कि जो भी व्यक्ति आपूर्ति लाइनों से अवैध कनेक्शन (कटिया) लेता है, कम खपत दर्ज करने के लिए मीटरों से छेड़छाड़ करता है या अनधिकृत उद्देश्यों के लिए बिजली का उपयोग करता है, उनके विरुद्ध विद्युत अधिनियम 2003 की धारा 135 के अंतर्गत सख्त कार्यवाही की जाएगी। इस अपराध के लिए दोषी पाए जाने पर भारी जुर्माने के साथ-साथ तीन वर्ष तक के कारावास का प्रावधान है।जागरूक बनें, सुरक्षित रहेंईडी श्री सेलट ने सभी नागरिकों से आग्रह किया है कि वे स्वयं जागरूक बनें और अपने आसपास के लोगों को भी सुरक्षित बिजली उपयोग के लिए प्रेरित करें। उन्होंने कहा, बिजली के उपयोग में थोड़ी सी अज्ञानता या लापरवाही आपके पूरे परिवार के लिए जानलेवा साबित हो सकती है। बिजली का वैध और सुरक्षित उपयोग ही आपकी सुरक्षा की गारंटी है।










































