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राजनांदगांव : डायल 112 की तत्परता से बची महिला की जान, उत्कृष्ट कार्य पर पुलिसकर्मी सम्मानित…


राजनांदगांव। राजनांदगांव पुलिस का मानवीय चेहरा उस समय सामने आया, जब डायल 112 की त्वरित कार्रवाई से एक महिला की जान बच गई। महिला ने अपने पति पर जंगल में ले जाकर जान से मारने की नीयत से मारपीट करने का आरोप लगाया है। मामले में डायल 112 की टीम ने संवेदनशीलता और साहस का परिचय देते हुए महिला को सुरक्षित बचाकर उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया।

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पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार डायल 112 को सूचना प्राप्त हुई कि एक महिला जंगल की ओर से भागते हुए घायल अवस्था में गांव पहुंची है। सूचना मिलते ही डायल 112 की टीम तत्काल घटनास्थल के लिए रवाना हुई। मौके पर पहुंचने पर महिला भयभीत अवस्था में मिली। पूछताछ में महिला ने बताया कि उसका पति उसे जंगल में ले गया था और मारपीट कर उसकी जान लेने की कोशिश कर रहा था। किसी तरह वह वहां से भागकर गांव की ओर पहुंची। इस दौरान ग्रामीणों ने डायल 112 को सूचना दी। महिला ने यह भी बताया कि पुलिस वाहन को आता देख उसका पति मौके से फरार हो गया।


डायल 112 की टीम ने महिला को सुरक्षित अभिरक्षा में लेकर थाना पहुंचाया और आवश्यक वैधानिक कार्रवाई के लिए थाना स्टाफ के सुपुर्द किया। महिला की स्थिति को देखते हुए उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र डोंगरगढ़ में भर्ती कराकर उपचार उपलब्ध कराया गया।


महिला की सुरक्षा सुनिश्चित करने और त्वरित सहायता प्रदान करने में उत्कृष्ट कार्य करने पर पुलिस अधीक्षक सुश्री अंकिता शर्मा ने आरक्षक क्रमांक 344 दीपेश मुद्दनकर तथा डायल 112 के चालक रविन्द्र देवांगन को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया। इस अवसर पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कीर्तन राठौर एवं रक्षित निरीक्षक लोकेश कुमार कसेर भी उपस्थित रहे।

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