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राजनांदगांव: पदोन्नति में आरक्षण समाप्त करने की साजिश के विरोध में बिजली कर्मचारियों का सामूहिक अवकाश…

राजनांदगांव, 22 जून। छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत मण्डल आरक्षित वर्ग अधिकारी-कर्मचारी संघ के प्रदेशव्यापी आह्वान पर सोमवार को राजनांदगांव, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई, मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी और कबीरधाम जिले के 300 से अधिक अधिकारी-कर्मचारियों ने सामूहिक अवकाश लेकर विरोध प्रदर्शन किया। संघ ने विद्युत कंपनी प्रबंधन पर पदोन्नति में आरक्षण के संवैधानिक प्रावधानों को समाप्त करने और आरक्षित कोटे में सामान्य वर्ग के कर्मचारियों को पदोन्नति देने का आरोप लगाया।

संघ के क्षेत्रीय अध्यक्ष बीरबल उइके और सचिव आर.पी. ठाकुर के नेतृत्व में हुए इस आंदोलन में बड़ी संख्या में अधिकारी और कर्मचारी शामिल हुए। संघ का कहना है कि प्रबंधन की दंडात्मक नीतियों और एकपक्षीय निर्णयों के कारण कर्मचारियों में भारी नाराजगी है।

संघ पदाधिकारियों ने बताया कि कर्मचारियों की विभिन्न मांगों और समस्याओं के समाधान के लिए चरणबद्ध आंदोलन की शुरुआत की गई है। आंदोलन की पूर्व सूचना दिए जाने तथा सहायक श्रम आयुक्त की मध्यस्थता के बावजूद प्रबंधन ने कर्मचारियों के साथ सार्थक चर्चा नहीं की। इसके विपरीत, एकपक्षीय और दंडात्मक निर्देश जारी किए गए, जिसके विरोध में सामूहिक अवकाश का निर्णय लिया गया।

संघ ने आरोप लगाया कि पदोन्नति में आरक्षण समाप्त करने का प्रयास आरक्षित वर्ग के अधिकारों पर सीधा प्रहार है और यह सामाजिक न्याय तथा संवैधानिक व्यवस्था के विपरीत है। पदाधिकारियों ने कहा कि प्रबंधन का अड़ियल रवैया औद्योगिक शांति और संवाद की भावना को कमजोर कर रहा है।

आंदोलन के दौरान क्षेत्रीय अध्यक्ष बीरबल उइके और सचिव आर.पी. ठाकुर ने चारों जिलों के अधिकारी-कर्मचारियों का एकजुटता के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह आंदोलन स्वाभिमान, सामाजिक न्याय और संवैधानिक अधिकारों की रक्षा के लिए किया गया है।

संघ ने चेतावनी दी है कि यदि प्रबंधन जल्द सकारात्मक पहल नहीं करता और मांगों पर विचार नहीं किया जाता, तो आंदोलन को और व्यापक एवं उग्र रूप दिया जाएगा। इसके लिए शीघ्र ही प्रदेश स्तरीय बैठक आयोजित कर आगामी रणनीति तय की जाएगी।

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