
नक्सल पीडि़त परिवारों के आवास एवं जमीन के लिए 60 लाख रूपए स्वीकृत
आत्मसमर्पित नक्सलियों को 65 हजार रूपए की प्रोत्साहन राशि
राजनांदगांव 09 जुलाई 2026। जिले में नक्सल पीडि़त परिवारों एवं आत्मसमर्पित नक्सलियों के पुनर्वास की दिशा में महत्वपूर्ण पहल करते हुए जिला स्तरीय पुनर्वास समिति द्वारा 15 नक्सल पीडि़त परिवारों तथा 13 आत्मसमर्पित नक्सलियों को पुनर्वास का लाभ प्रदान किया गया है।
छत्तीसगढ़ नक्सलवादी आत्मसमर्पण एवं पीडि़त राहत पुनर्वास नीति-2025 के तहत नक्सल पीडि़त परिवारों के आवास एवं जमीन के लिए 60 लाख रूपए तथा आत्मसमर्पित नक्सलियों के लिए 65 हजार रूपए की प्रोत्साहन राशि स्वीकृत की गई है। जिले में पुलिस द्वारा लगातार प्रभावी एंटी नक्सल अभियान संचालित किया गया।
जिसके परिणामस्वरूप नक्सल मोर्चे पर उल्लेखनीय सफलता प्राप्त हुई है। वहीं नक्सलियों द्वारा क्षेत्र में दहशत फैलाने, जनाधार मजबूत करने तथा मुखबिर होने के संदेह में ग्रामीणों की हत्या जैसी घटनाओं से प्रभावित परिवारों के पुनर्वास के लिए जिला प्रशासन निरंतर कार्य कर रहा है।
कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव की अध्यक्षता में गठित जिला स्तरीय पुनर्वास समिति तथा पुलिस अधीक्षक सुश्री अंकिता शर्मा, अतिरिक्त कलेक्टर श्री सीएल माकण्डेय एवं विभिन्न विभागों के अधिकारियों की सदस्यता वाली समिति नक्सल पीडि़तों एवं आत्मसमर्पित नक्सलियों को शासन की पुनर्वास योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराने के लिए सक्रिय रूप से कार्य कर रही है।
छत्तीसगढ़ नक्सलवादी आत्मसमर्पण एवं पीडि़त राहत पुनर्वास नीति-2025 के प्रावधानों के अनुसार जिले के 15 नक्सल पीडि़त परिवारों को आवास एवं जमीन के बदले ग्रामीण क्षेत्र में प्रति परिवार 4-4 लाख रूपए की दर से कुल 60 लाख रूपए की सहायता राशि स्वीकृत की गई है। इसके साथ ही 13 आत्मसमर्पित नक्सलियों को प्रति व्यक्ति 5-5 हजार रूपए की दर से कुल 65 हजार रूपए की प्रोत्साहन राशि स्वीकृत की गई है।
जिला प्रशासन द्वारा बताया गया कि इसके पूर्व भी नक्सल पीडि़तों एवं आत्मसमर्पित नक्सलियों को आर्थिक सहायता, केंद्रीय आर्थिक सहायता, शासकीय सेवा में नियुक्ति, मुख्यमंत्री खाद्यान्न योजना के तहत राशन कार्ड, राज्य में संचालित यात्री बसों के किराए में 50 प्रतिशत की छूट का प्रमाण-पत्र सहित विभिन्न शासकीय सुविधाएं उपलब्ध कराई जा चुकी हैं।
नक्सल पुनर्वास नीति के अंतर्गत सहायता राशि स्वीकृत होने पर नक्सल पीडि़तों के प्रतिनिधि धीरेन्द्र साहू ने जिला प्रशासन एवं पुलिस प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि शासन की पुनर्वास नीति से नक्सल प्रभावित परिवारों को नई उम्मीद मिली है तथा स्वीकृत 60 लाख रूपए की सहायता राशि उनके जीवन को नई दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।










































