
“स्मार्टफोन प्राइवेसी एवं सेफ ब्राउज़िंग” थीम के साथ जिले के विभिन्न क्षेत्रों में साइबर जागृति अभियान के तहत जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए।

महिला कॉलेजों एवं विभिन्न सामुदायिक समूहों के बीच पहुंचकर नागरिकों को स्मार्टफोन की प्राइवेसी, सुरक्षित इंटरनेट उपयोग एवं साइबर अपराधों से बचाव के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी दी गई।
जागरूकता कार्यक्रमों में मोबाइल की प्राइवेसी सेटिंग्स, मजबूत पासवर्ड, 2-फैक्टर ऑथेंटिकेशन, सुरक्षित ब्राउज़िंग, संदिग्ध लिंक/वेबसाइट से बचाव तथा सोशल मीडिया पर निजी जानकारी साझा करने में सावधानी बरतने के बारे में बताया गया।
साइबर ठगी के विभिन्न तरीकों जैसे OTP, KYC अपडेट, फर्जी लिंक, फर्जी सोशल मीडिया प्रोफाइल, ऑनलाइन शॉपिंग एवं डिजिटल पेमेंट फ्रॉड से सतर्क रहने की समझाइश दी गई।
आमजन को बताया गया कि OTP, PIN, CVV, पासवर्ड एवं बैंक संबंधी गोपनीय जानकारी किसी से साझा न करें तथा किसी भी संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने से पहले उसकी सत्यता अवश्य जांचें।
साइबर अपराध घटित होने पर तत्काल राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 एवं www.cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज कराने की जानकारी दी गई।
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित लोगों को साइबर सुरक्षा संबंधी शपथ दिलाकर जागरूकता का संदेश दिया गया तथा अधिक से अधिक लोगों को साइबर अपराधों के प्रति जागरूक करने के लिए प्रेरित किया गया।
खैरागढ़-छुईखदान-गंडई पुलिस द्वारा साइबर अपराधों की रोकथाम एवं आमजन को सुरक्षित डिजिटल व्यवहार के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से “साइबर जागृति अभियान” निरंतर संचालित किया जा रहा है।
जागरूक बनें, सतर्क रहें — साइबर अपराध से सुरक्षित रहें।“स्मार्टफोन प्राइवेसी एवं सेफ ब्राउज़िंग” थीम के साथ जिले के विभिन्न क्षेत्रों में साइबर जागृति अभियान के तहत जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए।
महिला कॉलेजों एवं विभिन्न सामुदायिक समूहों के बीच पहुंचकर नागरिकों को स्मार्टफोन की प्राइवेसी, सुरक्षित इंटरनेट उपयोग एवं साइबर अपराधों से बचाव के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी दी गई।
जागरूकता कार्यक्रमों में मोबाइल की प्राइवेसी सेटिंग्स, मजबूत पासवर्ड, 2-फैक्टर ऑथेंटिकेशन, सुरक्षित ब्राउज़िंग, संदिग्ध लिंक/वेबसाइट से बचाव तथा सोशल मीडिया पर निजी जानकारी साझा करने में सावधानी बरतने के बारे में बताया गया।
साइबर ठगी के विभिन्न तरीकों जैसे OTP, KYC अपडेट, फर्जी लिंक, फर्जी सोशल मीडिया प्रोफाइल, ऑनलाइन शॉपिंग एवं डिजिटल पेमेंट फ्रॉड से सतर्क रहने की समझाइश दी गई।
आमजन को बताया गया कि OTP, PIN, CVV, पासवर्ड एवं बैंक संबंधी गोपनीय जानकारी किसी से साझा न करें तथा किसी भी संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने से पहले उसकी सत्यता अवश्य जांचें।
साइबर अपराध घटित होने पर तत्काल राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 एवं www.cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज कराने की जानकारी दी गई।
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित लोगों को साइबर सुरक्षा संबंधी शपथ दिलाकर जागरूकता का संदेश दिया गया तथा अधिक से अधिक लोगों को साइबर अपराधों के प्रति जागरूक करने के लिए प्रेरित किया गया।
खैरागढ़-छुईखदान-गंडई पुलिस द्वारा साइबर अपराधों की रोकथाम एवं आमजन को सुरक्षित डिजिटल व्यवहार के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से “साइबर जागृति अभियान” निरंतर संचालित किया जा रहा है।
जागरूक बनें, सतर्क रहें — साइबर अपराध से सुरक्षित रहें।










































