
राजनांदगांव 08 सितम्बर 2026। अंतर्राष्ट्रीय साक्षरता दिवस के अवसर पर उल्लास नवभारत साक्षरता कार्यक्रम अंतर्गत जिला पंचायत सभाकक्ष में महिला साक्षरता संगोष्ठी का आयोजन किया गया। परियोजना अधिकारी जिला साक्षरता मिशन प्राधिकरण श्रीमती रश्मि सिंह ने साक्षर महिला-साक्षर समाज विषय के संबंध में जानकारी दी।

उन्होंने कहा कि शिक्षा ही समाज विकास की मुख्य धुरी है। संगोष्ठी में नवसाक्षरों ने अपने विचार व्यक्त किए। नवसाक्षरों ने कहा कि पढ़ाई-लिखाई सीखने के लिए उम्र की कोई सीमा नहीं होती। किसी भी उम्र में पढऩे-लिखने में संकोच नहीं करना चाहिए। जीवन भर सीखने की ललक होनी चाहिए।
स्वयंसेवी शिक्षकों ने कहा कि शिक्षा को महादान कहा गया है और किसी असाक्षर को साक्षर करने में जो आनंद की अनुभूमि होती है, वह किसी अन्य कार्य में नहीं होती। हमें अपने ज्ञान को दूसरों में बांटना चाहिए, जिससे वह कुछ सीख कर जीवन में बहुत कुछ हासिल कर सकें। संगोष्ठी में महिलाओं के अधिकारों की जानकारी दी गई।
टोल फ्री नंबर 181 एवं बाल संरक्षण चाइल्ड हेल्पलाईन नंबर 1098 के संबंध में बताया गया। इस अवसर पर नवसाक्षरों एवं स्वयंसेवी शिक्षकों को सम्मानित किया। कार्यक्रम में एपीसी श्रीमती कामिनी साहू एवं श्रीमती प्रणिता शर्मा, राजनांदगांव विकासखंड के महिला प्राचार्य, नवसाक्षर महिला, स्वयंसेवी शिक्षक सहित अधिकारी, कर्मचारी उपस्थित थे।










































