
राजनांदगांव। पुलिस महानिरीक्षक राजनांदगांव रेंज के निर्देशन में मंगलवार को पुलिस महानिरीक्षक कार्यालय राजनांदगांव में दोषमुक्त प्रकरणों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में न्यायालय के निर्देशों के अनुरूप वर्ष 2026 के मई और जून माह में दोषमुक्त हुए कुल 395 आपराधिक प्रकरणों की विवेचना एवं अभियोजन कार्यवाही की समीक्षा की गई।

समीक्षा के दौरान मई माह के 208 और जून माह के 187, कुल 395 दोषमुक्त प्रकरणों का परीक्षण किया गया। इनमें 11 प्रकरणों में विवेचक स्तर की त्रुटि पाए जाने तथा 28 प्रकरण अपील योग्य पाए जाने की जानकारी सामने आई।
बैठक में पुलिस महानिरीक्षक राजनांदगांव रेंज श्री अजय कुमार यादव ने आपराधिक प्रकरणों की प्रभावी एवं गुणवत्तापूर्ण विवेचना, अभियोजन से जुड़े महत्वपूर्ण बिंदुओं तथा न्यायालय में प्रकरणों के सफल निराकरण के लिए आवश्यक कार्यवाही पर विस्तृत चर्चा की।
उन्होंने संबंधित अधिकारियों को न्यायालय में लंबित प्रकरणों में प्रभावी पैरवी सुनिश्चित करने और दोषसिद्धि की दर बढ़ाने पर विशेष जोर देने के निर्देश दिए। साथ ही विवेचना के दौरान होने वाली त्रुटियों की पहचान कर उनमें सुधार करने तथा प्रकरणों को मजबूत तरीके से न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत करने की आवश्यकता बताई।
यह समीक्षा बैठक माननीय सर्वोच्च न्यायालय के क्रिमिनल अपील क्रमांक 1485/08, गुजरात राज्य बनाम किशन भाई में पारित आदेश के परिप्रेक्ष्य में आयोजित की गई थी।
बैठक में प्रभारी संयुक्त संचालक/उपसंचालक अभियोजन राजनांदगांव रेंज श्री डी.के. जैन, उपसंचालक अभियोजन जिला कबीरधाम श्री कुलरंजन कुजूर, सहायक जिला अभियोजन अधिकारी खैरागढ़ श्री सुनील कुमार राठौर, सहायक जिला अभियोजन अधिकारी अंबागढ़ चौकी श्री ललित साहू सहित पुलिस महानिरीक्षक कार्यालय से अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्रीमती गीता वाधवानी एवं उप पुलिस अधीक्षक श्रीमती नवी मोनिका पांडे उपस्थित रहीं।











































