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राजनांदगांव: आकर्षक प्रतिमा देख सर्वश्रेष्ठ दुर्गा प्रतिमा को पुरूस्कृत करने महापौर ने की घोषणा…

महापौर मधुसूदन यादव दुर्गा पंडालों में माता रानी के दर्शन कर
नगरवासियों की सुख-समृद्धि की कामना की

राजनांदगांव 20 अक्टूबर। शारदीय नवरात्र पर्व के अवसर पर संस्कारधानी में भक्ति और उत्साह का माहौल बना हुआ है। शहर के विभिन्न क्षेत्रों में मां दुर्गा, माॅ काली एवं मां सरस्वती की समितियो द्वारा आकर्षक प्रतिमाएं स्थापित की गई हैं। महापौर मधुसूदन यादव ने शहर के विभिन्न दुर्गा पंडालों मे जाकर माता रानी के दर्शन किए तथा पूजा अर्चनाकर नगरवासियों की सुख-समृद्धि, खुशहाली और मंगलमय जीवन की कामना की। उन्होंने आकर्षक प्रतिमा देख सर्वश्रेष्ठ दुर्गा प्रतिमा को पुरूस्कार देने की भी घोषणा किए।


नवरात्रि पर्व के दौरान महापौर श्री यादव ने विभिन्न पंडालों में विराजित मां दुर्गा,माॅ काली एवं मां सरस्वती की सुंदर और अलौकिक प्रतिमाओं की दर्शन कर पूजा अर्चना किए। इस दौरान उन्होंने पण्डालो में विभिन्न स्वरूपो में विराजित मां दुर्गा,माॅ काली एवं मां सरस्वती की प्रतिमा तथा दुर्गोत्सव समितियों द्वारा की गई आकर्षक सजावट, धार्मिक आयोजन और व्यवस्थाओं की सराहना की। उन्होंने कहा कि राजनांदगांव में नवरात्र पर्व को लेकर लोगों में विशेष आस्था और उत्साह रहता है। संस्कारधानी में यह पर्व परंपरा, श्रद्धा और सामाजिक एकता के साथ मनाया जाता है।


महापौर श्री यादव विभिन्न पण्डालो में विराजित माता की प्रतिमा देख भाव-विभोर होकर समितियो से कहा कि गणेश पर्व के अनुरूप दुर्गा पर्व में भी विभिन्न स्वरूपो में माता की अलोकिक प्रतिमा स्थापित की गयी है। जिसके स्वरूप को देखकर मन आस्था से प्रफुल्लित हो रहा है। उन्होंने प्रतिमाओ के लिए समितियो को पुरूस्कृत करने घोषणा करते हुए कहा कि नगर निगम द्वारा अगले वर्ष से सर्वश्रेष्ठ दुर्गा प्रतिमा को नगर निगम द्वारा प्रतियोगिता आयोजित कर प्रथम, द्वितीय व तृतीय पुरूस्कार दिया जायेगा। उन्हांेने कहा कि गणेश पर्व प्रतियोगिता में भी पुरूस्कार राशि में वृद्धि करने का निर्णय लिया गया है। गणेश पर्व में अगले वर्ष से बढी हुई पुरूस्कार राशि देने तथा दुर्गा पर्व में भी प्रतिमा के लिए प्रतियोगिता आयोजित करने विभागीय प्रक्रिया कर राशि की घोषणा की जायेगी।


महापौर श्री यादव ने कहा कि धार्मिक आयोजनों के माध्यम से समाज को सकारात्मक संदेश देने के साथ स्वच्छता और जनजागरूकता को बढ़ावा देना भी महत्वपूर्ण है। ऐसे प्रयासों से लोगों में सामाजिक जिम्मेदारी की भावना विकसित होती है। उन्होंने दुर्गोत्सव समितियों के सदस्यों की मेहनत और समर्पण की प्रशंसा करते हुए कहा कि नवरात्र पर्व केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक नहीं, बल्कि आपसी भाईचारे, सहयोग और सांस्कृतिक परंपराओं को मजबूत करने का अवसर भी है। शहर में श्रद्धालुओं की भागीदारी और समितियों के प्रयासों से नवरात्र का उत्सव विशेष आकर्षण का केंद्र बना हुआ है।

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