राजनांदगांव : अप्रैल में शुरू होगी दसवीं बोर्ड की परीक्षा, अब अपने स्कूल में ही परीक्षा देंगे बोर्ड के स्टूडेंट्स…

दसवीं-बारहवीं के विद्यार्थियों को इस बार परीक्षा देने दूसरे सेंटरों में नहीं जाना होगा। ऐसे परीक्षार्थी अपने स्कूलों में ही परीक्षा देंगे। कोरोना को देखते हुए पहली बार केंद्र नहीं बदला जा रहा है। हालांकि प्राइवेट स्कूलों में परीक्षा संचालन की जिम्मेदारी शासकीय शिक्षक संभालेंगे। सीजी बोर्ड की परीक्षा अप्रैल से शुरू हो रही है। पहले दसवीं की परीक्षा पूरी होगी। इसके बाद मई में बारहवीं की परीक्षा होगी। कोरोना संक्रमण और भीड़ की स्थिति को देखते हुए सालों बाद दोनों पर्रीक्षा अंतराल में ली जा रही है। इसके साथ ही परीक्षा केंद्रों में भी बदलाव नहीं किया जा रहा है। बोर्ड परीक्षा के लिए 333 शासकीय व 111 प्राइवेट स्कूलों को केंद्र बनाया गया है। प्राइवेट स्कूलों में केंद्राध्यक्ष की जिम्मेदारी शासकीय शिक्षकों को दी जाएगी, जो पूरे संचालन की माॅनिटरिंग करेंगे। अब तक संबंधित स्कूल के शिक्षकों को ही केंद्राध्यक्ष बनाया जा रहा था। शिक्षा विभाग ने बोर्ड परीक्षा की तैयारी भी शुरू कर दी है। कोरोना संक्रमण को देखते हुए सोशल डिस्टेसिंग और सैनिटाइजेशन बड़ी चुनौती साबित होगी। इसके अलावा स्टूडेंट्स को तय समय से कम से कम तीस मिनट पहले स्कूल आना होगा क्योंकि उनका टेम्परेचर जांच करने व सैनिटाइज करने में समय लगेगा।

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प्रायोगिक परीक्षा हुई पूरी, 30 तक भेजेंगे अंक
दसवीं-बाहरवीं की प्रायोगिक परीक्षा पूरी कर ली गई है। 10 मार्च तक इसके लिए समय दिया गया था। सभी स्कूलों में प्रायोगिक परीक्षा हो चुकी है। अब माध्यमिक शिक्षा मंडल को 30 मार्च तक इसके अंक भेजने होंगे। समय पर माशिमं को अंक भेजने के लिए सभी स्कूलों को समय पर प्रायोगिक के अंक जमा करने का निर्देश दिया गया है। इसके बाद मुख्य परीक्षा के लिए प्रवेश पत्र जारी होगा। इसे लेकर संबंधित स्कूलों में तैयारी की जा रही है।

लोकल कक्षाओं का प्रश्नपत्र स्कूल में होगा तैयार
लोकल कक्षाओं की परीक्षा को लेकर भी तैयारी शुरू कर दी गई है। 9वीं और ग्यारहवीं का प्रश्नपत्र स्कूलों में ही तैयार किया जाएगा। हालांकि इस पर अब तक अंतिम निर्णय शेष है। कोरोना के दोबारा बढ़ रहे संक्रमण को देखते हुए लोकल परीक्षाएं ऑनलाइन करने की भी चर्चा थी, लेकिन कई हिस्सों में तकनीकी समस्या को देखते हुए परीक्षा ऑफलाइन करने की तैयारी है। प्रश्नपत्र से लेकर रिजल्ट भी स्कूल स्तर में ही तैयार होंगे। इसकी कवायद चल रही है।

बोर्ड की तैयारी पर हो रहा फोकस, पहुंच रहे बच्चे
इधर स्कूलों में वर्तमान में बोर्ड की तैयारी पर फोकस किया जा रहा है। स्कूल पहुंचने वाले बच्चों की संख्या भी बेहतर है। इस बार 60 फीसदी कोर्स से ही परीक्षा में प्रश्न पूछे जाएंगे। इसे देखते हुए दसवीं और बारहवीं के बच्चों को बेहतर अंक के लिए तैयार के लिहाज से पढ़ाई कराई जा रही है, ताकि रिजल्ट बेहतर हो सके। कोरोना के चलते पूरे साल पढ़ाई ठप रही, अंतिम दौर में चिन्हित प्रश्नों के साथ तैयारी पूरी कराई जा रही है। यही नहीं टीचर्स स्टूडेंट्स के डाउट्स भी क्लियर कर रहे हैं।

SOURCE : bhaskar.com