खैरागढ़ । कोरोना संक्रमितों की जान बचाने में जुटी सिविल अस्पताल की दो नर्सों ने सेवा की मिसाल पेश करते हुए अपनी शादी ही रद्द करवा दी। इन दोनों नर्सों के इस सेवा भावना की सर्वत्र प्रशंसा हो रही है ।

वैश्विक महामारी कोरोना ने पूरी दुनिया को झकझोर कर रख दिया है और इस महामारी की चपेट में आने से खैरागढ़ अंचल भी तकलीफों से जूझ रहा है। रोजाना सैकड़ों संक्रमितों की खबर के बीच अपने परिजनों व परिचितों की मौत की खबर से लोग विचलित हैं लेकिन इन नाकारात्मक खबरों के बीच कोरोना काल में कुछ लोग अपनी सेवा भावना से नई-नई मिसाल भी पेश कर रहे हैं। ऐसी ही मिसाल पेश कर खैरागढ़ सिविल अस्पताल में पदस्थ दो नर्स (परिचारिका) कु. किरण वर्मा व एएनएम कु. जागृति वर्मा उपस्वास्थ्य केन्द्र देवरी ने प्रेरणास्पद कदम उठाया है।
बता दे कि दोनों नर्स का विवाह तय हो चुका था और बीते 22 से 25 अप्रैल को इनका विवाह संपन्न होना था लेकिन वैश्विक महामारी कोरोना की इस विकट आपदा के बीच दोनों सेवाभावी नर्सों ने कोरोना संक्रमितों की सेवा कर उनकी जान बचाने के काम को विवाह से ऊपर माना और अपनी शादी खुद ही रद्द करा दी। दोनों नर्सों ने बताया कि उन्होंने अपने परिवार के बुजुर्गों से बात की, परिजनों को समझाया और उनकी सेवा भावना को देखकर परिवार वाले भी मान गये और विवाह रद्द कर दिया।
दोनों नर्सों के इस प्रेरणास्पद कार्य को लेकर बीपीएम सतंजय ठाकुर ने बताया कि दोनों कर्मचारियों ने एक नई मिसाल पेश की है और उनके इस कदम से अन्य कर्मचारियों को भी प्रेरणा और प्रोत्साहन मिल रहा है जो इन विकट परिस्थितियों में कोरोना संक्रमितों की सेवा कर रहे हैं।










































