राजनांदगांव 17 मई। नगर पालिक निगम राजनांदगांव द्वारा मोहारा स्थित जल संयंत्र गृह में 10, 17 एवं 27 एम.एल.डी. परिशोधन संयंत्रों के माध्यम से शहर में नियमित रूप से जल प्रदाय किया जा रहा है। विगत कुछ दिनों से शहर के कुछ क्षेत्रों में गंदा पानी आने की शिकायत प्राप्त हो रही थी।

शिकायत के आधार पर महापौर श्रीमती हेमा सुदेश देशमुख एवं आयुक्त डॉ. आशुतोष चतुर्वेदी ने मोहारा एनीकट एवं परिशोधन संयंत्र गृह का निरीक्षण किया और पानी की जॉच लोक स्वास्थ्य एवं यांत्रिकीय विभाग से कराने निर्देशित किये। निर्देश के अनुक्रम में मोहारा प्लांट व शहर के विभिन्न स्थानों से पानी का सेम्पल लेकर लोक स्वास्थ्य एवं यांत्रिकीय विभाग से परीक्षण कराया गया। परीक्षण उपरांत जल शुद्ध पाया गया। निरीक्षक के दौरान जल विभाग के प्रभारी सदस्य सतीश मसीह उपस्थिति थे।
आयुक्त डॉ. चतुर्वेदी ने बताया कि शहर के विभिन्न हिस्सों में गंदे पानी आने की शिकायत पर जल संयंत्र एवं मोहारा एनीकट का निरीक्षण कर पानी जॉच के निर्देश दिये गये इस संबंध में महापौर महोदया द्वारा भी गंदे पानी आने वाले क्षेत्रों एवं मोहारा जल संयंत्र गृह का निरीक्षण किया गया और लोक स्वास्थ्य एवं यांत्रिकीय विभाग से जॉच कराने के निर्देश दिये गये।
उन्होंने बताया कि नगर निगम द्वारा स्वयं के लेब में नियमित जल का परीक्षण किया जा रहा है। जिसमें पानी समस्त मानक में सही के साथ साथ पीने योग्य है। किन्तु शिकायत के आधार पर निरीक्षण उपरांत बताया गया कि मोगरा जलाशय से जो पानी छोडा गया है वह पानी मोटा एवं गाढ़ा है, जिसके कारण पानी का रंग साफ नहीं है।
जल प्रदाय संबंधित अधिकारियों व कर्मचारियों को एलम एवं ब्लीचिंग पावडर की मात्रा बढ़ाने के निर्देश दिये गये थे। मात्रा बढ़ाने के पश्चात पानी का रंग पहले की तुलना में साफ हुआ है। साथ ही निगम सीमाक्षेत्रांतर्गत विभिन्न वार्डो में प्रतिदिन आर्थोटाल्यूडिन केमिकल के द्वारा जल का परीक्षण किया जा रहा है। जिसमें समस्त स्थानों पर जल में क्लोरिन की निर्धारित मात्रा पाई जा रही है।
आयुक्त डॉ. चतुर्वेदी ने बताया कि महापौर के निर्देश पर लोक स्वास्थ्य एवं यांत्रिकीय विभाग से भी पानी की जॉच कराने जल प्रभारी अधिकारी को निर्देशित किया गया। मोहारा फिल्टर प्लांट एवं शहर के विभिन्न स्थानों के जल का सेम्पल लेकर लोक स्वास्थ्य एवं यांत्रिकीय विभाग के लेब में भेजा गया, जहॉ जॉच उपरांत निगम सीमाक्षेत्र में प्रदाय किया जा रहा पानी समस्त मानको में खरा एवं पीने योग्य पाया गया।












































