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राजनांदगांव : रईश अहमद शकील का किया गया सम्मान…

राजनांदगांव। राजनीति से लेकर बिजनेस, शिक्षा, समाज सहित आदि क्षेत्रों में मुकाम हासिल कर चुके रईश अहमद शकील का आज नगर निगम हॉल में खिदमंड फाउंडेशन संस्था द्वारा आयोजित कार्यक्रम में पूर्व सांसद मधुसूदन यादव व कांग्रेस की वरिष्ठ नेता श्रीमती शारदा तिवारी के हाथों स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक राजनांदगांव के अध्यक्ष नवाज खान व महापौर श्रीमती हेमा देशमुख भी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थे।

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उल्लेखनीय है कि एक ट्रक से बिजनेश शुरू करने वाले रईश अहमद ने अपने मेहनत के बलबूते आज ट्रेवल्स, बिजनेस, राजनीति, शिक्षा व समाज में एक बड़ा चेहरा बन चुके हैं। वर्तमान में वे जिला कांग्रेस कमेटी ग्रामीण राजनांदगांव के संयुक्त महामंत्री, दिग्विजय कॉलेज जनभागीदारी समिति के अध्यक्ष, छग यातायात महासंघ के वरिष्ठ प्रदेश उपाध्यक्ष, छग यातायात महासंघ राजनांदगांव के जिलाध्यक्ष व छग मनिहार मुस्लिम समाज के कार्यवाहक अध्यक्ष जैसे महत्वपूर्ण पदों की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं।

राजनांदगांव में जन्मे रईश अहमद शकील ने छात्रसंघ से अपनी राजनीति की शुरूआत की। साल 1986-87 में वे दिग्विजय कालेज से छात्रसंघ का चुनाव लड़े। हालांकि वे चुनाव में जीत हासिल नहीं कर सकें। इसके बावजूद उनका हौसला कम नहीं हुआ। रईश अहमद शकील राजनांदगांव से भोपाल, दिल्ली और अजमेर तक का सफऱ दो लोगों के साथ साइकिल में तय किया। इस दौरान भोपाल में तत्कालीन मुख्यमंत्री मोतीलाल वोरा और दिल्ली में तत्कालीन प्रधानमंत्री राजीव गांधी से मुलाक़ात की। फिर सायकिल अपना सफऱ तय करते हुए अजमेर शरीफ पहुंचे और वहां से जियारत करने के बाद वापस अपने शहर राजनांदगांव पहुंचे। दिल्ली व भोपाल में नेताओं से मुलाकात करने के बाद उनका हौसला और बढ़ गया। हारने के बाद भी वे राजनीति से हार नहीं बने। उन्होंने दोबारा साल 1987-88 में फिर से छात्रसंघ का चुनाव लड़ा और उन्हें शानदार जीत हासिल हुई।


रईश अहमद शकील का सफर राजनीति तक नहीं रहा। उसके बाद उन्होंने बिजनेस में हाथ डाला। उन्होंने साल 1989 में शिक्षित बेरोजग़ार योजना के तहत एक ट्रक खरीदा और करीब तीन साल ख़ुद ट्रक पर चले। बीते तीन सालों में उन्होंने ऑल इंडिया ट्रक में घूम-घूमकर गांवों के आवामगन की परिस्थितियों का भांपा। खासकर ग्रामीण आदिवासी क्षेत्रों में उन्होंने देखा कि ग्रामीणों को आवागमन में कितनी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। उसके बाद उन्होंने ग्रामीण अंचलों को बस सेवा से जोडऩे का संकल्प लिया। इसी संकल्प के साथ रईश अहमद शकील ने साल 1997 में अपने बचपन के प्रिय दोस्त के छोटे भाई आशीष पांडे (पम्पी) के साथ मिलकर एक बस खरीदी और बस व ट्रक से पब्लिक ट्रांसपोटिंग का कारोबार शुरू किया।

आज रईश अहमद शकील द्वारा संचालित भारत ग्रुप में भारी तदाद में बसों का संचालन ग्रामीण आदिवासी अंचलों में किया जा रहा है। उनके कारोबार में आशीष पांडे भी कंधे से कंधा मिलाकर उनका साथ दिया और आज भी वे उनके साथ ही जुड़कर पब्लिक ट्रांसपोर्टिंग का कार्य कर रहे हैं। दोनों की दोस्ती शहर सहित पूरे प्रदेश में एक मिशाल बन गई है। रईश अहमद शकील साल 1991- 93 में प्रदेश युथ कांग्रेस के उपाध्यक्ष रहे। साल 1996 से 2002 तक जिला अल्पसंख्यक विभाग के अध्यक्ष रहे। 2006 से 2011 तक ग्रामीण जिला कांग्रेस कमेटी के सचिव रहे।

1998 से आज तक जिला मिनी बस संघ के अध्यक्ष हैं। 2014 से आज तक राजनांदगांव शिक्षा मंडल के सचिव भी है। साल 1993-98 में यंग मुस्लिम कमेटी के सदर रहे। हन्फी मस्जिद गोल बाजाऱ में 6 साल सेक्रेटरी के पद रहे। रईश अहमद शकील पब्लिक ट्रांसपोर्टिंग के साथ पेट्रोप के कारोबार में भी तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। वर्तमान में भारत ग्रुप का राजनांदगांव में 2 व अंबागढ़ चौकी में 1 पेट्रोल पंप संचालित हो रहा है। एक और पेट्रोल पंप खोलने की प्रक्रिया युद्ध स्तर पर चल रही है। इसके अलावा डोंगरगांव व चौकी में टीवीएस के शो रूम भी है। पेट्रोल पंप व टीवीएस शो रूम के संचालन की जिम्मेदारी वे अपने भतीजे साजिद अख्तर के हाथों दे रखे हैं। इसके साथ-साथ रईश अहमद शकील हर समाज के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चल रहे हैं।

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