राजनांदगांव : मवेशियों की धर-पकड अभियान के तहत इस माह अब तक पकड़े 86 मवेशी आज पकड़े 18 मवेशी…

राजनांदगांव 17 अगस्त। घुमंतु मवेशियों की धर पकड के तहत नगर निगम का मवेशी धर-पकड़ अभियान प्रतिदिन जारी है। अभियान के क्रियान्वयन में नगर निगम की टीम प्रतिदिन शहर के प्रमुख चौक चौराहो में घुमन्तु एवं बैठे मवेशियों को पकड़ने की कार्यवाही कर रही है। इसी कडी में आज शहर के प्रमुख चौक चौराहो से 18 घुमन्तु मवेशियों की धर-पकड की गयी और इस माह अब तक कुल 86 मवेशी पकड़े गये है।

जिन्हें मवेशी मालिकों द्वारा छुडाने पर अर्थदण्ड लेकर छोड़ा गया। जिसके तहत 17 हजार रूपये अर्थदण्ड वसूला गया। उल्लेखनीय है कि कई पशु मालिकों द्वारा अपने मवेशियों को खुला छोड देते है, जिससे मवेशी चौक चौराहों में घुमते एवं बैठे रहते है। जिससे यातायात बाधित होती है एवं दुर्घटना की संभावना बनी रहती है और बरसात में दुर्घटना भी होती है।

जो आमजनों के साथ ही पशुओ के लिये भी खतरनाक है। निगम द्वारा अब लापरवाह पशु पालकों के विरूद्ध पशुपालक पशु क्र्रूरता अधिनियम के तहत कानूनी कार्यवाही की जावेगी। शासन द्वारा भी रोका छेका अभियान के तहत घुमन्तु पशुओं को पकड़ने एवं पशु मालिकों को अपना मवेशी घर मंे बांध कर रखने समझाईस देने के निर्देश दिये गये है। निर्देश के अनुक्रम में निगम द्वारा धर-पकड़ अभियान प्रतिदिन चलाया जा रहा है।


नगर निगम आयुक्त डॉ. आशुतोष चतुर्वेदी ने घुमन्तु मवेशियांे को पकड़ने टीम गठित किये है, गठित टीम प्रतिदिन चौक चौराहो से घुमन्तु मवेशियों को पकड़ने की कार्यवाही कर रही है। इसी कडी में आज आर.के. नगर, आम्बेडकर चौक, सर्किट हाउस रोड, कमला कालेज चौक, महामाया चौक, संत कवर राम चौक नया बस स्टैण्ड, गुरूद्वारा चौक, महावीर चौक, दिल्ली दरवाजा के पास, पुराना बस स्टैण्ड रोड,

राम दरबार के पास, लखोली कन्हारपुरी रोड से 18 घुमन्तु एवं बैठे मवेशियों को पकड़ा गये। मवेशियों को पकड़कर कांजी हाउस में रखा जाता है एवं उन्हंे छोडने पर 570-570 रूपये संबंधित से अर्थदण्ड लेकर मवेशी छोडा जाता है। इसी कडी में पशु मालिकों से इस माह 17 हजार रूपये अर्थदण्ड लेकर अपने मवेशी छोडे गये, यह अभियान प्रतिदिन जारी रहेगी।


आयुक्त डॉ. चतुर्वेदी ने दुर्घटना से बचने मवेशी मालिक अपने जानवर को निर्धारित स्थल में बांध कर रखने तथा चौक-चौराहों व सड़कों पर घुमने पशुओं को खुला न छो़डने की अपील की है। उन्होंने कहा कि चौक-चौराहों व सड़कों पर खुला घुमते पाये जाने पर पशुओं को नगर निगम के अमला द्वारा पकड़कर कांजी हाऊस में बंद कर नियमानुसार शुल्क व जुर्माना भुगतान करने के उपरांत ही मुक्त कर संबंधित पशु पालकों को सौपा जायेगा।

उन्होंने कहा कि निगम द्वारा अब लापरवाह पशु पालकों के विरूद्ध पशुपालक पशु क्र्रूरता अधिनियम के तहत कानूनी कार्यवाही की जावेगी, जिसके तहत वह प्रथम अपराध की दशा में जुर्माने से 10 रूपये से कम नहीं होगा किन्तु जो 50 रूपये तक का हो सकेगा और द्वितीय या पश्चातवर्ती अपराध की दशा में जो पिछले अपराध किये जाने के 3 वर्ष की अवधि के भीतर किया जाता है, जुर्माने से जो 25 रूपये कम नहीं होगा जो 1 सौ रूपये तक का दण्ड या कारावास जिसकी अवधि 3 माह तक की हो सकेगी अथवा दोनों दण्डों से दण्डित किया जायेगा।