राजनांदगांव : दहेज के लिए प्रताड़ित करने व हत्या का प्रयास करने वाले पति ,सास व ससुर को सजा…

राजनांदगांव। दहेज के लिए विवाहिता की हत्या का प्रयास करने वाले पति, ससुर एवं सास को आज दोषी पाकर अपर सत्र न्यायाधीश फास्टट्रेक कोर्ट श्री अभिषेक शर्मा ने ससुर को दो और सास तथा पति को दस-दस वर्ष का सश्रम कारावास से दंडित किया है।

मामले का संक्षिप्त विवरण इस प्रकार है कि, प्रार्थिया लिकेश्वरी सोनकर का विवाह 25 जून 2019 को ग्राम रूदगांव, थाना डोंगरगांव, जिला राजनांदगांव (छ.ग.) निवासी भालचंद सोनकर के साथ सामाजिक रीति-रिवाज से सम्पन्न हुआ था। दोनों के दाम्पत्य जीवन से एक बच्चा है। विवाह के बाद से ही प्रार्थिया के पति भालचंद सोनकर, सास फलेसर बाई एवं ससुर रामसाय सोनकर द्वारा लिकेश्वरी के साथ दहेज की बात को लेकर मारपीट की जाती थी।

गत 18 नवम्बर 2020 को प्रात: करीब 9.30 बजे अभियुक्त भालचंद एवं फुलेसर बाई प्रार्थिया के साथ दहेज की बात को लेकर लड़ाई-झगड़ा किए उसके पश्चात वह बाड़ी जाने के लिए तैयार हुई तो अभियुक्त भालचंद ने अपनी मां फुलेसर से कहा कि, प्रार्थिया को पकड़ के रख आज इसे जलाकर मार मार देते हैं कहते हुए प्रार्थीया के ऊपर मिट्टी तेल डाल दिया तथा घर के अंदर माचिस लेने के लिए गया तो खुले सर को धक्का देकर प्रार्थया भागकर गांव के कोटवार के पास पहुंची और उस घटना की जानकारी दी तथा उसे लेकर थाना डोंगरगढ़ रिपोर्ट करने गई प्रार्थना को चिकित्सालय मुहैया कराया गया ।

तथा अभियुक्त गण को थाने बुलाया गया तथा अभियुक्त गण द्वारा माफी मांगने पर उनके मध्य समझौता हो गया। तत्पश्चात प्रार्थी आरोपी गण के साथ घर वापस आ रही थी तब आरोप और अपराधियों को यह कहते हुए कि तू हमारे खिलाफ रिपोर्ट करने गई थी उसके साथ साथ एवं लात से मारपीट की जिससे उसके कमर गाल, गला , सिर एवं पैर में गंभीर चोट है प्रार्थीया की लिखित शिकायत के आधार पर थाना डोंगरगांव द्वारा अभियुक्तगणों के विरुद्ध अपराध पंजीबद्ध का प्रकरण विवरण में लिया गया। आरोपी गणों को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेजा गया था।

तथा संपूर्ण जांच उपरांत थाना डोंगरगांव द्वारा तीनों अभियुक्त गणों के विरुद्ध भारतीय दंड संहिता धारा 307 , 498 ए 34 के तहत अभियोग पत्र विचारण हेतु न्यायालय के समक्ष पेश किया गया था माननीय अपर सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक कोर्ट राजनांदगांव अभिषेक शर्मा द्वारा विचारण उपरांत मामले में 27 सितंबर 2022 को आरोपी के विरुद्ध आरोप प्रमाणित के जाने पर रामसाय सोनकर उम्र 57 वर्ष, फुलेसर बाई सोनकर ध.प. रामसाय सोनकर, आयु 55 वर्ष एवं भालचंद सोनकर आ रामसाय सोनकर उम्र 23 वर्ष,

तीनों निवासी ग्राम रूदगांव थाना डोंगरगांव जिला राजनांदगांव (छ.ग.) को भादसं की धारा 498-ए के तहत 02-02 (दो-दो) वर्ष के सश्रम कारावास एवं 1000-1000 रूपये के अर्थदंड अर्थदंड की राशि अदा न किये जाने की स्थिति में 01-01 (एक-एक) माह का अतिरिक्त सश्रम कारावास इसके साथ ही अभियुक्ता फुलेसर बाई सोनकर एवं अभियुक्त भालचंद सोनकर को भारतीय दण्ड संहिता की धारा 307 के आरोप में 10-10 (दस-दस) वर्ष के सश्रम कारावास एवं 1000-1000 रूपये के अर्थदंड अर्थदंड की राशि अदा न किये जाने की स्थिति में क्रमश: एक-एक माह के सश्रम कारावास की सजा पृथक से भुगताये जाने का दण्डादेश पारित किया गया। मामले में छत्तीसगढ़ राज्य की ओर से आदित्य प्रकाश श्रीवास्तव, अतिरिक्त लोक अभियोजक, फास्ट ट्रेक कोर्ट ने पैरवी की।