
तेलंगाना में सेना से रिटायर्ड एक शख्स ने अपनी पत्नी की हत्या कर दी। हत्या के बाद सबूत मिटाने लाश के छोटे-छोटे टुकड़े किए और प्रेशर कुकर में उबालकर झील में फेंक दिया। कुछ रिपोर्ट्स में यह दावा किया जा रहा है कि हड्डियों से मांस अलग करने के लिए आरोपी ने उन्हें मूसल से कुचला था। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।

रंगारेड्डी जिले के मीरपेट के नागराजू ने बताया कि 18 जनवरी को सुबम्मा नामक एक महिला ने गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई थी। उसने बताया था कि उसकी बेटी माधवी (35) की 13 साल पहले गुरुमूर्ति के साथ शादी हुई थी। गुरुमूर्ति सेना का रिटायर्ड कर्मचारी है। फिलहाल वह कंचनबाग में सुरक्षा गार्ड का काम करता है। पुलिस ने बताया कि पिछले 5 साल से पति-पत्नी अपने दो बच्चों के साथ वेंकटेश्वर कॉलोनी में रह रहे थे। 16 जनवरी को माधवी और उसके पति गुरुमूर्ति के बीच किसी बातपर बहस हुई और वे घर से बाहर चले गए। हत्या वाले दिन गुरुमूर्ति के बच्चे उसकी बहन से मिलने गए थे।
उसने गुमशुदगी का नाटक रचा और माधवी के माता-पिता को इस बारे में बताया। मीरपेट एसएचओ के नागराजू ने भी कहा है कि इस मामले को गुमशुदगी का मामला माना जा रहा है, क्योंकि संदिग्ध हत्या का कोई सबूत अभी तक नहीं मिला है। हालांकि, पुलिस ने बताया कि गुरुमूर्ति की माधवी से बहस हुई थी, जिसके बाद उसने उसकी हत्या की। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक भी पकड़े गए आरोपी ने हत्या के सबूत मिटाने बाथरूम में उसके शव के टुकड़े किए। हड्डियों को मांस से अलग किया, उन्हें मूसल से कुचला और फिर उबाला।
उसने मांस और हड्डियों को तीन दिनों तक पकाया, जिसके बाद उसने उन्हें एक थैले में भरकर पास की झील में फेंक दिया। पुलिस को अभी तक उस झील में पीड़िता के शव का पता नहीं चल पाया है, जिसमें गुरुमूर्ति ने शव के अंगों को फेंकने का दावा किया था।









































