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VISION TIMES : पर्यावरण स्वास्थ्य के प्रति गंभीरता से सोचने की जरूरत – सुशील चन्द्राकर….

दुर्ग – भारती विश्वविद्यालय, दुर्ग में विश्व पर्यावरण स्वास्थ्य दिवस पर राष्ट्रीय वेबिनार का आयोजन किया गया। यह वेबिनार ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरीकों से आयोजित किया गया। इस राष्ट्रीय वेबिनार में मुख्य वक्ता के रुप में मनोविज्ञानी, स्वस्थ जीवन कोच और मेडिटेशन गुरू डाॅ. के. सी. भगत उपस्थित थे। इस अवसर पर डाॅ. भगत ने कहा कि हवा प्रदूषण, पानी प्रदूषण, मृदा प्रदूषण, शोर प्रदूषण के बारे में सभी ने सुना होगा लेकिन एक अन्य प्रदूषण है माइंड पोल्यूशन। वर्तमान समय में विचारों के निर्माण की प्रक्रिया बाधित हो रही है। उन्होंने कहा कि विचारों का प्रदूषण दिखता नहीं है लेकिन उसका प्रभाव पड़ता है। उन्होंने विद्यार्थियों को सकारात्मक सोचने, डायरी लिखने, ध्यान लगाने और सुबह जल्दी उठने हेतु प्रेरित किया।

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इस अवसर पर विधि संकाय के डीन प्रो. के.सी. दलाई ने स्वागत वक्तव्य और विषय प्रवर्तन किया। उन्होंने कहा कि सभी क्षेत्रों में विकास हुआ है-कृषि विकास, औद्योगिक विकास, सूचना प्रौद्योगिकी विकास इत्यादि। इसी के साथ यह भी देखना होगा कि हर क्षेत्र में जोखिम बढ़ा है। इस अवसर पर डीन एकेडमिक प्रो. आलोक भट्ट ने मुख्य वक्ता डाॅ. के. सी. भगत को प्रशंसा-पत्र प्रदान किया।

कुलाधिपति सुशील चन्द्राकर ने कहा कि आज पर्यावरण स्वास्थ्य के प्रति गंभीरता से सोचने की जरूरत है। कुलपति डाॅ. एच.के. पाठक ने कहा कि पर्यावरण सुरक्षित रहेगा तभी मानव का अस्तित्व संभव है। कुलसचिव डाॅ. वीरेन्द्र कुमार स्वर्णकार ने अपने उद्बोधन में कहा कि शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य हमारी प्रथमिकता होनी चाहिए। कार्यक्रम का संचालन डाॅ. भावना जंघेल ने किया। इस अवसर पर डीन ऑफ इंजीनियरिंग प्रो. डी.सी. परसाई, डाॅ. गजेन्द्र कुमार साहू, डाॅ. मुकेश कुमार राय, डाॅ. जिज्ञासा पाण्डेय, डाॅ. रूचि सक्सेना, डाॅ. गुरु सरन लाल, डाॅ. राजश्री नायडू, डाॅ. मीरा देवांगन, डाॅ. स्मृति खारा, डाॅ. वन्दना श्रीवास, डाॅ. जे.पी. कन्नोजे सहित बड़ी संख्या में प्राध्यापकगण, शोधार्थी और विद्यार्थी उपस्थित थे। धन्यवाद ज्ञापन डाॅ. निधि वर्मा ने किया।

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