खैरागढ़:अंतर्राज्यीय चोर गिरोह का पर्दाफाश, ज्वेलरी दुकान में चोरी के तीन आरोपी गिरफ्तार…

छुईखदान। छुईखदान में ज्वेलरी दुकान का शटर तोड़कर सोने-चांदी के आभूषण चोरी करने वाले अंतर्राज्यीय चोर गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से करीब 44.75 लाख रुपए का मशरूका बरामद किया है। आरोपियों को न्यायालय में पेश करने के बाद न्यायिक रिमांड पर उपजेल सलोनी भेज दिया गया है।

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पुलिस के अनुसार घटना 14 अगस्त 2026 की सुबह करीब 3 से 4 बजे के बीच की है। छुईखदान के वार्ड क्रमांक 08 जैन मोहल्ला निवासी शांति लाल जैन की सोना-चांदी की दुकान का शटर तोड़कर अज्ञात चोर दुकान के अंदर रखे जेवरात लेकर फरार हो गए थे। प्रार्थी की रिपोर्ट पर थाना छुईखदान में अपराध क्रमांक 296/2026 के तहत धारा 331(4), 305(ए) बीएनएस के अंतर्गत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।

नागपुर तक पहुंची पुलिस की जांच

घटना की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में पुलिस टीम गठित कर आरोपियों और चोरी गए माल की लगातार तलाश की जा रही थी। विवेचना के दौरान पुलिस ने महेन्द्र साहु (26), निवासी रामपुर नवागांव, थाना छुईखदान, अक्षय गुरूवे (21) और अनिकेत मेश्राम (25), दोनों निवासी धम्मदीप नगर, नागपुर (महाराष्ट्र) को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पूछताछ में चोरी की घटना से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी सामने आने पर आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।

21.8 किलो चांदी और सोने के जेवर बरामद

पुलिस ने आरोपी महेन्द्र साहु के कब्जे से करीब 21 किलो 800 ग्राम चांदी के आभूषण, जिनमें चांदी के लच्छे, करधन, सांटी, ऐंठी, नागमोरी, सुतिया, पैरी और अन्य फैंसी आइटम शामिल हैं, बरामद किए। इसके अलावा 3.600 ग्राम सोने के कान के टॉप, नगद सिक्के और मोबाइल फोन भी जब्त किया गया। बरामद सामान की कीमत करीब 22.45 लाख रुपए बताई गई है।

वहीं आरोपी अक्षय गुरूवे से करीब 500 ग्राम चांदी के आभूषण तथा घटना में प्रयुक्त सफेद रंग की बिना नंबर की होंडा एक्टिवा जब्त की गई। आरोपी अनिकेत मेश्राम से भी करीब 500 ग्राम चांदी के आभूषण बरामद किए गए।

पुलिस ने तीनों आरोपियों से चोरी के सोना-चांदी के जेवरात, नगदी और घटना में प्रयुक्त वाहन सहित कुल 44.75 लाख रुपए कीमत का मशरूका बरामद किया है।

न्यायालय ने भेजा जेल

पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ अपराध में पर्याप्त साक्ष्य पाए जाने के बाद 19 अगस्त 2026 को तीनों को गिरफ्तार किया। इसके बाद उन्हें न्यायालय में पेश किया गया, जहां से न्यायालय के आदेश पर महेन्द्र साहु, अक्षय गुरूवे और अनिकेत मेश्राम को न्यायिक रिमांड पर उपजेल सलोनी भेज दिया गया।

पूरी कार्रवाई में केसीजी पुलिस टीम का सराहनीय योगदान रहा।