
राजनांदगांव। जिले के ग्राम पंचायत पदुमतरा में पंचायत टैक्स की वसूली को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। ग्रामीणों का आरोप है कि जिन लोगों ने ग्राम पंचायत का टैक्स जमा नहीं किया है, उनका शासकीय राशन दुकान से मिलने वाला चावल कथित तौर पर रोक दिया गया है। मामले को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी है और प्रशासन से जांच की मांग की जा रही है।

ग्रामीणों के अनुसार, राशन लेने पहुंचे ऐसे लोगों से पहले ग्राम पंचायत में टैक्स जमा करने अथवा पंचायत से लिखवाकर लाने की बात कही जा रही है। इसके बाद ही उन्हें राशन देने की बात कही जा रही है। इससे जरूरतमंद ग्रामीणों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
सरपंच के कहने पर राशन रोकने की बात
इस संबंध में शासकीय राशन दुकान पदुमतरा के विक्रेता धर्म यादव ने बताया कि ग्राम पंचायत पदुमतरा के सरपंच द्वारा कहे जाने पर जिन ग्रामीणों ने पंचायत टैक्स जमा नहीं किया है, उनका राशन कुछ समय के लिए रोकने अथवा ग्राम पंचायत से लिखवाकर लाने के बाद राशन देने की बात कही गई थी।
विक्रेता के इस बयान के बाद मामला और गंभीर हो गया है। हालांकि, पंचायत की ओर से राशन रोकने के संबंध में क्या निर्देश दिए गए और इसकी वैधानिक स्थिति क्या है, यह प्रशासनिक जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।
ग्रामीणों ने उठाए सवाल
ग्रामीणों का कहना है कि पंचायत टैक्स की वसूली अपनी जगह है, लेकिन राशन वितरण को इससे जोड़ने को लेकर स्थिति स्पष्ट की जानी चाहिए। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और खाद्य विभाग से मामले की जांच कर यह स्पष्ट करने की मांग की है कि पंचायत टैक्स जमा नहीं करने पर शासकीय खाद्यान्न का वितरण रोका जाना नियमों के अनुरूप है या नहीं।
फिलहाल पदुमतरा पंचायत में राशन और पंचायत टैक्स को लेकर सामने आए इस विवाद ने ग्रामीणों के बीच चर्चा का विषय बना दिया है। मामले में पंचायत प्रतिनिधियों और संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों का आधिकारिक पक्ष सामने आने के बाद स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।










































