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गडकरी ने किया बड़ा ऐलान : लखनादौन,बालाघाट,लांजी, खैराग़ ढ़,रायपुर ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे का डीपीआर दिसंबर 2025 तक…

गडकरी ने किया बड़ा ऐलान : लखनादौन–बालाघाट–लांजी–खैरागढ़–रायपुर ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे का डीपीआर दिसंबर 2025 तक

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खैरागढ़ 00 संसद सत्र के दौरान सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी से सांसद संतोष पांडे की मुलाकात का असर अब दिखने लगा है। जबलपुर में करोड़ों की लागत से बने फ्लाईओवर के लोकार्पण अवसर पर केंद्रीय मंत्री गडकरी ने घोषणा की कि लखनादौन–बालाघाट–लांजी–खैरागढ़–रायपुर ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे का डीपीआर दिसंबर 2025 तक तैयार कर लिया जाएगा। करीब 10 हजार करोड़ रुपये की लागत से 220 किमी लंबे हाई स्पीड कॉरिडोर के निर्माण की दिशा में तेजी आएगी। गडकरी की घोषणा से पूरे क्षेत्र में खुशी की लहर दौड़ गई। क्षेत्रवासियों ने केंद्रीय मंत्री और सांसद संतोष पांडे के प्रति आभार जताते हुए उम्मीद जताई कि दिसंबर 2025 तक डीपीआर के साथ एक्सप्रेसवे का कार्य भी शुरू हो जाएगा।

क्या है मायने

इस ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे के बनने से क्षेत्र में आर्थिक विकास का नया मार्ग खुलेगा।पर्यटन के नए अवसर पैदा होंगे।दोनों राज्यों के बीच तेज़ और सुरक्षित मार्ग मिलेगा।स्थानीय स्तर पर रोजगार की संभावनाएं बढ़ेंगी।

विवि के लिए भी लाभप्रद

यह कॉरिडोर 1956 में स्थापित इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय, खैरागढ़ के लिहाज से भी अहम होगा। भारतीय कला और संगीत को समर्पित एशिया का पहला संगीत विश्वविद्यालय अब तक मुख्य रूप से नागपुर मार्ग पर निर्भर रहा है। नए मार्ग से खैरागढ़ क्षेत्र का सीधा जुड़ाव होगा, जिससे विश्वविद्यालय और क्षेत्र दोनों को बड़ा लाभ मिलेगा।

होगा दोहरा लाभ

सांसद संतोष पांडे की इस पहल का जिले के साथ पूरे राज्य को दोहरा लाभ मिलेगा। यह सड़क आगे जाकर रायपुर से विशाखापटनम के भारत माला प्रोजेक्ट से जुड़ेगी। इससे खैरागढ़-राजनांदगांव जिले से विशाखापटनम तक का मार्ग सुलभ होगा और नए व्यापारिक अवसर खुलेंगे।

चिल्फी–कवर्धा बॉर्डर से जबलपुर तक 150 किमी 4 लेन सड़क, 2500 करोड़ से बनेगी

संसद सत्र के दौरान सांसद संतोष पांडे की रखी गई मांग पर केंद्र सरकार ने एक और तोहफ़ा दिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी के प्रयास से चिल्फी–कवर्धा बॉर्डर से जबलपुर तक 150 किमी लंबी 4 लेन सड़क के निर्माण को मंजूरी मिल गई है। इस परियोजना पर करीब 2500 करोड़ रुपये खर्च होंगे।

क्या होगा फायदा

छत्तीसगढ़ और मध्यप्रदेश के बीच तेज़ और सुगम कनेक्टिविटी,यात्रा समय में बड़ी कमी,व्यापार और उद्योग को गति,युवाओं के लिए रोजगार के अवसर,कवर्धा सहित पूरे क्षेत्र में पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।

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