
खैरागढ़-छुईखदान-गंडई। छुईखदान पुलिस ने अंतरराज्यीय साइबर ठगी गिरोह के मास्टरमाइंड को हरियाणा के मेवात क्षेत्र से गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। आरोपी द्वारा पुराने सिक्के और नोट के बदले लाखों रुपये दिलाने का झांसा देकर करीब 11 लाख 70 हजार रुपये की ठगी की गई थी।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, प्रार्थी नेताराम देवांगन (39 वर्ष), निवासी पद्मावतीपुर, थाना छुईखदान ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसे व्हाट्सएप के माध्यम से पुराने सिक्के एवं नोट के बदले लाखों रुपये मिलने का लालच दिया गया। आरोपी ने ₹5 के पुराने नोट के बदले ₹37.94 लाख देने का झांसा दिया और प्रोसेसिंग फीस, कस्टम शुल्क सहित विभिन्न बहानों से अलग-अलग खातों में पैसे ट्रांसफर करवाए। इस प्रकार कुल ₹11.70 लाख की ठगी की गई।
मामले में थाना छुईखदान में अपराध क्रमांक 122/2026 के तहत धारा 318(4), 336, 338, 340 भादंवि एवं 66D आईटी एक्ट के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। जांच के दौरान करीब 20 बैंक खातों और 30 से 40 फर्जी सिम कार्ड के उपयोग का खुलासा हुआ।
तकनीकी विश्लेषण के आधार पर आरोपी की लोकेशन हरियाणा के नूंह जिले में मिली। इसके बाद पुलिस टीम ने हरियाणा पहुंचकर स्थानीय पुलिस की मदद से आरोपी मोहम्मद जाहिर (19 वर्ष), निवासी ग्राम डूंगेजा, थाना पिंगवा, जिला नूंह को गिरफ्तार किया। पूछताछ में आरोपी ने अपराध स्वीकार कर लिया है।
पुलिस ने आरोपी के कब्जे से 9 मोबाइल फोन, 2 एटीएम कार्ड और ₹4000 नगद जब्त किया है। आरोपी को 15 अप्रैल को गिरफ्तार कर ट्रांजिट रिमांड पर लाया गया और 17 अप्रैल को न्यायालय में पेश कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।
पुलिस के अनुसार आरोपी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक और व्हाट्सएप के जरिए लोगों को फंसाता था और रजिस्ट्रेशन, प्रोसेसिंग फीस के नाम पर पैसे वसूलता था। साथ ही नकदी के बंडलों के फर्जी वीडियो दिखाकर और पुलिस कार्रवाई का डर दिखाकर अतिरिक्त रकम ऐंठता था।
इस पूरी कार्रवाई में साइबर सेल खैरागढ़ और थाना छुईखदान पुलिस की अहम भूमिका रही है।









































