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मोहला: जन समस्या निवारण शिविरों में प्राप्त आवेदनों का गुणवत्ता पूर्ण निराकरण करें सुनिश्चित–कलेक्टर तुलिका प्रजापति…

  • आकांक्षी जिला कार्ययोजना एवं कुपोषण नियंत्रण को लेकर विभागों को दिए आवश्यक निर्देश
  • मोहला। राज्य शासन के निर्देशानुसार जिले में आयोजित जन समस्या निवारण शिविर आमजन की मांगों एवं समस्याओं के निराकरण का प्रभावी माध्यम बन रहे हैं। शिविरों में प्राप्त प्रत्येक आवेदन महत्वपूर्ण है, अतः सभी विभाग आवेदनों का गंभीरतापूर्वक परीक्षण कर उनका गुणवत्ता पूर्ण एवं समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित करें।
  • उक्त निर्देश कलेक्टर श्रीमती तुलिका प्रजापति ने समय-सीमा की बैठक में अधिकारियों को दिए। इस अवसर पर सीईओ जिला पंचायत श्रीमती भारती चंद्राकर, अपर कलेक्टर श्री जी.आर. मरकाम, अपर कलेक्टर श्री मिथलेश डोंडे, एसडीएम मोहला श्री हेमेंद्र भुआर्य, एसडीएम मानपुर श्री अमित नाथ योगी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
  • कलेक्टर श्रीमती प्रजापति ने कहा कि जिले में अब तक आयोजित शिविरों में जिन विभागों के आवेदन अधिक प्राप्त हुए हैं, ऐसे आवेदकों की पात्रता का परीक्षण कर उन्हें विभागीय योजनाओं से लाभान्वित किया जाए। साथ ही पात्र हितग्राहियों की सूची तैयार कर भविष्य में अन्य योजनाओं से जोड़ने की कार्यवाही भी सुनिश्चित की जाए।
  • बैठक में राजस्व विभाग से संबंधित नामांतरण, सीमांकन एवं बंटवारा जैसे प्रकरणों की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने सभी राजस्व अधिकारियों को समय-सीमा के भीतर निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। आकांक्षी जिला कार्ययोजना की समीक्षा के दौरान कलेक्टर श्रीमती प्रजापति ने कहा कि जिले के समग्र विकास के लिए सभी विभाग बेहतर एवं परिणाममुखी कार्ययोजना तैयार करें।
  • उन्होंने निर्धारित सूचकांकों पर विशेष फोकस करते हुए योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देश दिए, ताकि जिले को बेहतर प्रतिसाद प्राप्त हो सके और हितग्राहियों को अधिकतम लाभ मिल सके। इस दौरान कृषि, पशुपालन, उद्यानिकी एवं वन विभाग सहित विभिन्न विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
  • कलेक्टर श्रीमती प्रजापति ने बच्चों को कुपोषण से बचाने की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए गर्भवती महिलाओं के स्वास्थ्य एवं पोषण पर विशेष ध्यान देना आवश्यक है।
  • उन्होंने स्वास्थ्य विभाग को निर्देशित किया कि गर्भवती महिलाओं का चिन्हांकन कर उन्हें सुपोषण एवं स्वास्थ्य संबंधी जागरूकता प्रदान की जाए तथा आवश्यकतानुसार डाइट चार्ट तैयार कर नियमित मार्गदर्शन दिया जाए, जिससे महिलाएं स्वस्थ एवं सुपोषित रहें तथा बच्चों को कुपोषण से बचाया जा सके। बैठक में अन्य विभागों की योजनाओं की भी समीक्षा की गई तथा योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन हेतु आवश्यक निर्देश दिए गए।
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