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राजनांदगाँव: गोधन न्याय योजना बंद होने से शहर में गंदगी और बेरोजगारी बढ़ी – संतोष पिल्ले…

राजनांदगाँव।छत्तीसगढ़ की महत्वाकांक्षी गोधन न्याय योजना को बंद किए जाने के बाद इसके दुष्परिणाम अब साफ नजर आने लगे हैं। नगर निगम राजनांदगाँव के नेता प्रतिपक्ष संतोष पिल्ले ने भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि योजना बंद होने से न केवल पशु पालकों की आय समाप्त हो गई है, बल्कि शहर की स्वच्छता व्यवस्था भी पूरी तरह चरमरा गई है। सड़कों, गलियों और चौक-चौराहों पर गोबर और गंदगी का अंबार लग गया है।

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श्री पिल्ले ने आगे कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की सरकार द्वारा शुरू की गई गोधन न्याय योजना एक दूरदर्शी और जनहितकारी योजना थी। इसके माध्यम से पशु पालकों से गोबर खरीदा जाता था जिससे उन्हें नियमित आमदनी मिलती थी और साथ ही शहरों व गांवों में स्वच्छता बनी रहती थी। योजना बंद होने के बाद पशु पालकों के सामने आजीविका का संकट खड़ा हो गया है।

उन्होंने कहा कि पहले लोग गोबर को सड़कों पर फेंकने के बजाय गौठानों तक पहुंचाते थे, लेकिन अब व्यवस्था समाप्त होने से लोग मजबूरन गोबर खुले में छोड़ रहे हैं, जिससे बदबू, गंदगी और बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। यह स्थिति नगर निगम और सरकार दोनों के लिए चिंता का विषय है। भाजपा सरकार से मांग की कि वह राजनीतिक दुर्भावना से ऊपर उठकर जनहित को ध्यान में रखते हुए गोधन न्याय योजना को पुनः लागू करने पर गंभीरता से विचार करे।

उन्होंने कहा कि यह योजना केवल आर्थिक सहायता तक सीमित नहीं थी। बल्कि यह स्वच्छता, रोजगार और पर्यावरण संरक्षण से भी जुड़ी हुई थी। श्री पिल्ले ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने शीघ्र इस दिशा में कोई ठोस निर्णय नहीं लिया, तो आने वाले समय में शहर की स्वच्छता व्यवस्था और अधिक बिगड़ सकती है और आम जनता को इसके गंभीर परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं।

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