राजनांदगांव: अब तिमाही-छमाही परीक्षा भी तय करेगी सालाना परिणाम,पहली से नौवीं व 11वीं का रिजल्ट सिस्टम बदला…

राजनांदगांव। राज्य में पहली से नौवीं और ग्यारहवीं कक्षा के रिजल्ट का फार्मूला बदल दिया गया है। अब तिमाही और छमाही परीक्षा के अंक वार्षिक परीक्षा के रिजल्ट में जोड़े जाएंगे। मतलब कि तिमाही-छमाही परीक्षा में कम अंक आने पर वार्षिक परीक्षा का रिजल्ट प्रभावित होगा। यह व्यवस्था चालू शिक्षा सत्र से ही लागू कर दी गई है। हालांकि बोर्ड परीक्षाओं यानी कक्षा 10वीं और 12वीं में यह फार्मूला लागू नहीं किया गया है।

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शिक्षा विभाग के इस फैसले में 10वीं-12वीं के छात्रों को छोड़कर राज्य के लगभग 45 लाख छात्र प्रभावित होंगे। शिक्षा विभाग ने चालू शिक्षा सत्र से ही रिजल्ट का नया फार्मूला लागू कर दिया है। राज्य के सभी जिलों के शिक्षा अधिकारियों को रिजल्ट के नए फार्मूले के संबंध में निर्देश जारी कर दिए गए हैं।

अधिकारियों का कहना है कि मौजूदा सिस्टम में ज्यादातर स्कूलों में परीक्षा केवल औपचारिकता निभाने के लिए ली जाती है। जबकि तिमाही-छमाही टेस्ट छात्रों के तीन और छह माह की तैयारियों का आंकलन करने के लिए आयोजित होते हैं। इसके बावजूद लापरवाही बरती जाती है।

नई व्यवस्था के मुताबिक कक्षा पहली, दूसरी, तीसरी और चौथी में तिमाही व छमाही परीक्षा में प्रत्येक विषय में प्राप्त अंकों का 20-20 प्रतिशत अधिभार के रूप में जोड़ा जाएगा। यानी तिमाही-छमाही का 20-20 प्रतिशत और वार्षिक का 60 प्रतिशत मिलाकर ही परीक्षाफल तैयार किया जाएगा।

कक्षा 5वीं एवं 8वीं की वार्षिक परीक्षा में छमाही परीक्षा के प्रत्येक विषय में प्राप्त अंकों का 30 फीसदी अधिभार के रूप में जोड़ा जाएगा। यानी छमाही का 30 फीसदी एवं वार्षिक का 70 फीसदी मिलाकर परीक्षाफल तैयार किया जाएगा।