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राजनांदगांव : अहंकारी भूपेश के हैश टैग से सोशल मीडिया गूंज उठा-गिन्नी चावला…

राजनांदगांव – जिला भाजपा आई टी सेल ने प्रेस विज्ञप्ति जारी करते हुए कहा कि कवर्धा में हुए झण्डा विवाद में गिरफ्तारियाँ भी हुई और रिहाई भी, रिहाई के बाद सभी अपने अपने कामो में व्यस्त भी हो गए। मामला लगभग शांत हो ही गया था कि अब सांसद संतोष पाण्डेय और पूर्व सांसद अभिषेक सिंह को पुलिस ने भगोड़ा घोषित कर दिया।
पुलिस के इस रवैये ने पुलिस को ही कटघरे में ला खड़ा कर दिया है।
भाजपा के कार्यकर्ताओं और जनता में इस बात का इतना रोष है कि 24 जनवरी को ट्विटर पर #अहंकारी_भूपेश हैशटैग ट्रेंड करने लग गया।

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भाजपा के अनुसार पुलिस की इस प्रकार की दुर्व्यवहार की चारो तरफ निंदा हो रही है, पुलिस पर लोगो को भरोसा होना चाहिए लेकिन इस तरह के कार्यशैली से तो भरोसा उठ रहा है।

भाजपा जिला आई टी सेल के संयोजक गिन्नी चावला ने कांग्रेस और पुलिस के इस कार्यवाही पर पलटवार करते हुए कहा कि “सांसद एवं पूर्व सांसद जन सेवा में लगातार कार्यक्रम कर रहें है , उनके प्रोटोकॉल की जानकारी पुलिस प्रशासन को भी रहती है , फिर भी पुलिस प्रशासन द्वारा कोर्ट में झूठा वक्तव्य देना दुर्भाग्यपूर्ण और निंदा के लायक है। दोनो जनप्रतिनिधियों के दौरे का पूरा ब्यौरा रोज पुलिस प्रशासन के पास पहुंचता है। ऐसे में इन्हें भगोड़ा घोषित करना केवल राजनैतिक षड्यंत्र है और कुछ नहीं।”

जिला सोशल मीडिया के संयोजक शशांक ताम्रकार ने भी पुलिस प्रशासन की इस कार्यवाही के उत्तर में कहा है कि “जनहित में सांसद एवं पूर्व सांसद जनता के बीच है और शासन के मंत्री अपने कर्तव्यों से भागने के लिये ग्रामीणों द्वारा पानी मांगने पर क्या हालात निर्मित करते है यह स्पष्ट है। क्या यही गढ़बो नवा छत्तीसगढ़ की परिभाषा है?”

बातचीत के दौरान जिला आई टी सेल सह-संयोजक सूर्यकान्त शर्मा ने कहा कि “जहां सांसद जैसे गरिमामयी पद को यह पुलिस प्रशासन भगोड़ा कह रही है, जिनको सुरक्षा प्रदान करना उनकी ही जिम्मेदारी है, इस तरह का दुर्व्यवहार यदि सांसद के साथ हो सकता है तो जनता अगर आज सरकार से सवाल करें तो क्या उन्हें भी जेल का रास्ता बताया जायेगा?”

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