
राजनांदगांव। मोहारा पुन्नी मेले के सांस्कृतिक मंच पर उस समय दर्शकों की तालियों की गड़गड़ाहट गूंज उठी जब एक बुजुर्ग दंपत्ति ने लोक धुन पर अपने थिरकते कदमों से सबका दिल जीत लिया। मेले के रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम के दौरान इस जोड़ी ने जिस आत्मीयता और उत्साह से नृत्य किया, वह पूरे आयोजन का आकर्षण बन गया।

सफेद बालों और मुस्कुराते चेहरों के साथ जब दोनों मंच के सामने नाचे, तो दर्शक मंत्रमुग्ध रह गए। लोग मोबाइल में वीडियो बनाते रहे, और मंच के आसपास तालियों की गूंज थमने का नाम नहीं ले रही थी।

दर्शकों ने कहा कि यह दृश्य वाकई प्रेरणादायक था, यह साबित करता है कि “प्यार और कला की कोई उम्र नहीं होती।” इस जोड़ी ने अपने नृत्य के माध्यम से यह संदेश दिया कि उम्र चाहे जो भी हो, यदि मन में उत्साह और जीवन के प्रति प्रेम हो, तो हर पल को उत्सव बनाया जा सकता है।
मोहारा पुन्नी मेला इस बार भी परंपरा, आस्था और संस्कृति के रंगों से सराबोर रहा। वहीं इस बुजुर्ग दंपत्ति के सहज और मनमोहक नृत्य ने मेले की यादों में एक विशेष स्थान बना लिया है।









































