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राजनांदगांव: एकलव्य स्कूल में हफ्तेभर में दो छात्राओं ने किया आत्महत्या का प्रयास, प्राचार्य व वार्डन हटाए गए…

राजनांदगांव। एकलव्य स्कूल की दो नाबालिग छात्राओं द्वारा एक सप्ताह के अन्दर आत्महत्या का प्रयास किया गया। एक छात्रा को उपचार के बाद अस्पताल से घर भेज दिया गया है जबकि दूसरी का इलाज मेडिकल कालेज हास्पिटल पेण्ड्री में चल रहा है। हो-हल्ला मचने के बाद आज स्कूल के प्राचार्य एवं हास्टल अधीक्षक को हटा दिया गया है। मोहला-मानपुर जिले के अंबागढ़ चौकी में केंद्र सरकार के मार्फत संचालित शासकीय एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय में हफ्ते भर के दरमियान एक के बाद एक दो नाबालिग छात्राएं फिनाइल पीकर आत्महत्या का प्रयास कर चुकी हैं।

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बीते गुरुवार 8 जनवरी को एक नाबालिक छात्रा ने फिनायल का सेवन कर खुद को खत्म करने की कोशिश की थी। उक्त छात्रा अभी मेडिकल कॉलेज से इलाज कराकर अपने घर लौटी ही थी कि एक और नाबालिग छात्रा ने कल बुधवार 14 जनवरी को आवासीय विद्यालय में फिनायल पीकर आत्मघाती कदम उठा लिया जो अभी राजनांदगांव मेडिकल कॉलेज में उपचार्थ भर्ती है। दूसरी ओर घटना के बाद उक्त विद्यालय में जाकर मामले की जांच करने वाले अपर कलेक्टर ने दूसरी घटना घटित होने के अगले रोज आज दोनों घटनाओं की पुष्टि करते हुए बताया कि मामले की जांच की जा रही है।

बहरहाल उक्त आवासीय विद्यालय के संबंधित प्राचार्य व हॉस्टल वार्डन को हटा दिया गया है। हालांकि इस बेहद संवेदनशील मामले में बड़ा सवाल ये खड़ा हो गया है कि क्या प्रिंसिपल और वार्डन को हटाकर जवाबदेही की इतिश्री कर लेना काफी है ? और उससे भी बड़ा सवाल ये कि आदिवासी शिक्षा के उत्थान के लिए संचालित एकलव्य आवासीय विद्यालय में ऐसी कौन सी यातनाएं आदिवासी बालाएं झेल रही हैं कि आत्मघाती कदम उठाने को मजबूर हो रहीं हैं ?

आखिरकार जिले की कलेक्टर इस गंभीर मसले पर कुछ भी कहने से क्यों बच रहीं हैं ? और सबसे बडा सवाल ये कि कानूनी तौर पर अपराधिक प्रकरण के रूप में सामने आए इस संवेदनशील मसले पर कानूनी शिकंजा क्यों नहीं कसा जा रहा ? जिम्मेदार विद्यालय स्टॉफ पर कड़ी प्रशासनिक कार्यवाही क्यों नहीं हो रही है? हफ्तेभर के भीतर सामने आए घटनाक्रम से विद्यालय में अध्ययनरत बच्चों के पालकों का चिंतित होना लाज़मी है। आदिवासी समाज ने भी कलेक्टर के पास लिखित दरखास्त लगाई है कि विद्यालय में पहुंचकर सामाजिक स्तर पर समाज जनों को जांच पड़ताल की अनुमति दी जाए। हालांकि अनुमति मिली या नहीं ये फिलहाल स्पष्ट नहीं है।

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