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राजनांदगांव: ऑनलाइन ट्रेडिंग में मुनाफे का झांसा देकर 36.70 लाख की धोखाधड़ी, आरोपी गिरफ्तार…

राजनांदगांव। डोंगरगढ़ पुलिस ने ऑनलाइन ट्रेडिंग में निवेश कर अधिक मुनाफा दिलाने का झांसा देकर दो महिलाओं से कुल 36 लाख 70 हजार रुपये की धोखाधड़ी करने के मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी के खिलाफ थाना डोंगरगढ़ में दो अलग-अलग मामले दर्ज किए गए हैं। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।

पुलिस के अनुसार आरोपी कैलाश सेठी (37 वर्ष) निवासी मीनाक्षी नगर, दुर्ग ने अपनी कथित “प्योर ट्रेडिंग” कंपनी में निवेश करने पर अच्छा मुनाफा होने का भरोसा दिलाकर डोंगरगढ़ की दो महिलाओं से ऑनलाइन और नगद राशि प्राप्त की थी।

पहले मामले में वार्ड क्रमांक 21, रेस्ट हाउस डोंगरगढ़ निवासी प्रतिमा पाल ने शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के मुताबिक आरोपी ने 30 मई 2023 से 4 मई 2025 के बीच उनसे कुल 27 लाख 50 हजार रुपये लिए। इनमें से करीब 19 लाख रुपये वापस किए गए, जबकि 8 लाख 50 हजार रुपये वापस नहीं किए गए।

वहीं दूसरे मामले में न्यू सब्जी मंडी, डोंगरगढ़ निवासी नमिता चौबे ने शिकायत दर्ज कराई। उनके मुताबिक आरोपी ने 7 फरवरी 2023 से 7 मई 2025 के बीच उनसे कुल 55 लाख रुपये प्राप्त किए। इसमें से करीब 26 लाख 80 हजार रुपये वापस किए गए, जबकि 28 लाख 20 हजार रुपये की राशि वापस नहीं की गई।

इस तरह दोनों मामलों में आरोपी द्वारा कुल 82 लाख 50 हजार रुपये प्राप्त किए गए, जिसमें से करीब 45 लाख 80 हजार रुपये वापस किए गए और 36 लाख 70 हजार रुपये वापस नहीं किए गए।

शिकायतों के आधार पर थाना डोंगरगढ़ में अपराध क्रमांक 413/2026 और 414/2026 के तहत धारा 318(4), 238 बीएनएस के तहत अपराध दर्ज कर जांच शुरू की गई। विवेचना के दौरान पुलिस ने आरोपी कैलाश सेठी को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पुलिस के अनुसार जांच में पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद आरोपी को 30 सितंबर 2026 को गिरफ्तार किया गया और न्यायालय में पेश किया गया।

पुलिस के मुताबिक आरोपी को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक राजनांदगांव सुश्री अंकिता शर्मा के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कीर्तन राठौर के मार्गदर्शन एवं एसडीओपी डोंगरगढ़ केशरी नंदन नायक के पर्यवेक्षण में थाना प्रभारी प्रशिक्षु उप पुलिस अधीक्षक सुमन जायसवाल द्वारा की गई।

कार्रवाई में सउनि धन्ना सिन्हा, आरक्षक अरुण मनहर, आरक्षक तिलक कवर एवं महिला आरक्षक सुषमा मराठे का योगदान रहा।

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