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राजनांदगांव: कार्यपालक निदेशक परियोजना एम. जामुलकर ने कार्य प्रगति की समीक्षा कर शीघ्र पूर्णता के दिए निर्देश…

राजनांदगांव, 02 अक्टूबर 2026। छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड, रायपुर के कार्यपालक निदेशक (परियोजना) श्री एम. जामुलकर एवं राजनांदगांव क्षेत्र के मुख्य अभियंता श्री एच.के. मेश्राम ने राजनांदगांव जिले के ग्राम विचारपुर नवागांव में मुख्यमंत्री विद्युत अधोसंरचना विकास योजना के अंतर्गत निर्माणाधीन नवीन 33/11 केवी उपकेंद्र का निरीक्षण किया।

निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने उपकेंद्र के निर्माण कार्य की प्रगति की विस्तृत जानकारी ली तथा स्थापित किए जा रहे विद्युत उपकरणों, निर्माणाधीन अधोसंरचना एवं उपकेंद्र से प्रस्तावित फीडरों का अवलोकन किया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों एवं निर्माण एजेंसी से कार्य की वर्तमान स्थिति, शेष कार्यों तथा निर्धारित समय-सीमा की जानकारी लेते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

कार्यपालक निदेशक श्री जामुलकर ने निर्माण कार्य में गुणवत्ता मानकों का विशेष ध्यान रखते हुए शेष कार्यों को यथाशीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए, ताकि उपकेंद्र को निर्धारित समय पर ऊर्जीकृत कर क्षेत्र के उपभोक्ताओं को बेहतर एवं गुणवत्तापूर्ण विद्युत आपूर्ति का लाभ दिलाया जा सके।

इस अवसर पर अतिरिक्त मुख्य अभियंता श्री मंगल तिर्की, राजनांदगांव वृत्त के अधीक्षण अभियंता श्री शंकेश्वर कंवर एवं कार्यपालन अभियंता श्री मुकेश कुमार साहू सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

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3.28 करोड़ की लागत से विकसित होगा नया विद्युत अधोसंरचना तंत्र

छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड द्वारा ग्राम विचारपुर नवागांव में मुख्यमंत्री विद्युत अधोसंरचना विकास योजना के तहत लगभग 3 करोड़ 28 लाख रुपये की लागत से नवीन 33/11 केवी उपकेंद्र का निर्माण किया जा रहा है।

उपकेंद्र में 3.15 एमवीए क्षमता का नया पावर ट्रांसफार्मर स्थापित किया जा रहा है। इसके साथ ही क्षेत्र में लगभग 19 किलोमीटर 33 केवी लाइन तथा 3 किलोमीटर 11 केवी लाइन का भी निर्माण किया जा रहा है।

नवीन उपकेंद्र के निर्माण एवं ऊर्जीकृत होने से आसपास के 31 ग्रामों के लगभग 4,250 उपभोक्ताओं को अधिक विश्वसनीय, गुणवत्तापूर्ण एवं बेहतर वोल्टेज के साथ विद्युत आपूर्ति उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।

इससे क्षेत्र की विद्युत व्यवस्था को मजबूती मिलने के साथ-साथ बढ़ती विद्युत मांग को पूरा करने तथा स्थानीय स्तर पर विद्युत आपूर्ति की गुणवत्ता में सुधार का मार्ग प्रशस्त होगा।

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