
विधानसभा अध्यक्ष कृषि विज्ञान केन्द्र सुरगी में आयोजित जैविक कृषि कार्यशाला सह कृषक सम्मेलन में हुए शामिल
– उन्नत खेती, प्रयोग व नवाचार, उत्पादन क्षमता बढ़ाने के लिए कृषि विज्ञान केन्द्र का सुरगी मॉडल प्रसिद्ध
– जैविक कृषि की दिशा में आगे बढ़ें कृषक
– 19 करोड़ रूपए की लागत से सुरगी-खरखरा डायवर्सन उन्नयन अंतर्गत नहर लाईनिंग का कार्य शीघ्र होगा पूर्ण
– विधानसभा अध्यक्ष ने स्टॉल का किया अवलोकन
राजनांदगांव 15 जून 2026। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह आज कृषि विज्ञान केन्द्र सुरगी में आयोजित जैविक कृषि कार्यशाला सह कृषक सम्मेलन में शामिल हुए। इस दौरान विधानसभा अध्यक्ष का खुमरी पहनाकर भावमय स्वागत किया गया। विधानसभा अध्यक्ष ने कार्यक्रम स्थल पर लगाए गए स्टॉल का अवलोकन किया। उन्होंने कृषकों को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर कृषकों का सम्मान किया।
विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने देश व दुनिया में इतिहास रचा है। किसानों की सुविधा के लिए उन्होंने विशेष तौर पर कार्य किया है। यूरिया मार्केट में 2220 रूपए प्रति क्विंटल महंगे कीमत पर मिल रही है। प्रधानमंत्री के प्रयासों से किसानों को सब्सिडी देते हुए 266 रूपए में यूरिया उपलब्ध कराया गया है। उन्होंने कहा कि जैविक कृषि की दिशा में किसान कदम बढ़ा रहे है।
आज यूरिया, डीएपी जैसे रासायनिक उर्वरक के साथ ही कीटनाशक का बहुतायत प्रयोग किया जा रहा है, जिसके दुष्परिणाम के संबंध में कृषि वैज्ञानिकों ने जानकारी दी है। जो फसल बोते हैं, वही वापस लौटकर भोजन के माध्यम से हमारे शरीर में जाता है, ऐसे रासायनिक उर्वरक एवं कीटनाशक नुकसानदायक होते हैं।
जिससे कैंसर सहित अन्य बीमारियां बढ़ गई है। किसानों को जैविक खाद एवं गोबर खाद का उपयोग करते हुए प्राकृतिक खेती करना चाहिए।
विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह कहा कि राजनांदगांव जिले में कृषि गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए कृषि विज्ञान केन्द्र की स्थापना की गई है। उन्होंने बताया कि कृषि विज्ञान केन्द्र सुरगी में 6 राज्यों के बच्चे अध्ययन एवं अनुसंधान करने आ रहे हैं। सुरगी विधानसभा अध्यक्ष का गोद ग्राम है और यहां निरन्तर विकास कार्य किए जा रहे हैं।
सुरगी-खरखरा डायवर्सन नहर लाईनिंग के तहत 19 करोड़ रूपए का कार्य प्रगति पर है, जिसका 95 प्रतिशत कार्य पूर्ण हो चुका है। शिवनाथ डायवर्सन से मुख्य नहर 50 किलोमीटर एवं लघु नहर का कार्य 27 करोड़ रूपए की लागत से किया जा रहा है, जिसका 90 प्रतिशत कार्य पूर्ण हो चुका है।
सुरगी सौर चलित सिंचाई परियोजना 2 करोड़ 50 लाख रूपए, कृषि महाविद्यालय एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र 75 लाख रूपए, हाई स्कूल 73 लाख रूपए, शौचालय उन्नयन विद्युत उप केन्द्र एवं विभिन्न छोटे-छोटे मद में कांक्रीट के कार्य तथा अन्य कार्य लगभग 1 करोड़ 92 लाख रूपए से अधिक के कार्य सुरगी ग्राम पंचायत अंतर्गत किए गए है। उन्होंने कहा कि सुरगी मॉडल प्रदेश में चर्चा का विषय है।
उन्नत खेती, प्रयोग, उत्पादन क्षमता बढ़ाने, नवाचार एवं खाद का कम उपयोग करने के लिए सुरगी कृषि विज्ञान केन्द्र प्रसिद्ध है। ड्रोन एवं मशीन के माध्यम से दवाईयों का छिड़काव एवं अन्य कृषि की आधुनिक पद्धति को अपनाने के लिए यहां अच्छा कार्य किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि वर्ष 2013 में अपनी स्थापना के बाद से कृषि विज्ञान केन्द्र ने विकास के नए आयाम प्राप्त किए है। उन्होंने सभी को शुभकामनाएं दी और कहा कि यहां आयोजित कार्यशाला में जैविक खेती से जुड़े नवीनतम तकनीक की जानकारी सीख कर जाएं और इसका क्रियान्वयन करें।
सांसद श्री संतोष पाण्डेय ने कहा कि रासायनिक उर्वरक एवं कीटनाशक के प्रयोग से ब्लड प्रेशर एवं शुगर की बीमारी बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक खेती आज की समय की आवश्यकता है और स्वस्थ रहने के लिए यह जरूरी है। उन्होंने जैविक खेती पर सामूहिक गीत सुनाकर किसानों को प्रेरित किया।
उन्होंने बताया गोबर, गौमूत्र, से बने जीवामृत, नीमास्त्र का उपयोग करने से किसानों को लाभ होगा। जैविक खेती के उत्पादों की मार्केट में मांग बढ़ी है। राजनांदगांव में 550 हेक्टेयर में जैविक खेती हो रही है। जिसका प्रमाणीकरण किया जा रहा है, जिले में नीमास्त्र, जीवास्त्र, जैविक खाद की ब्रिकी की जा रही है। ग्राम भर्रेगांव की महिला स्वसहायता समूह द्वारा प्राकृतिक उत्पाद तैयार कर बिक्री करने के लिए बधाई दी।
समाज सेवी श्री कोमल सिंह राजपूत ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में विकास, विश्वास एवं जनकल्याण की भावना के साथ कार्य किया गया है। विधानसभा के मार्गदर्शन में राजनांदगांव जिले के विकास के लिए बेहतरीन कार्य किया गया है। किसान बाहुल्य क्षेत्र सुरगी में कृषि विज्ञान केन्द्र की स्थापना से किसानों को लाभ मिला है।
कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव ने बताया कि खरीफ 2025 में धान बिक्री करने वाले 1 लाख 24 हजार 101 किसानों को कृषक उन्नयन योजना अंतर्गत 1484 करोड़ रूपए की राशि उनके खाते में अंतरित की गई।
किसानों को 454.12 करोड़ रूपए अंतर की राशि का भुगतान किया गया। छत्तीसगढ़ शासन द्वारा इस वर्ष खरीफ 2026 के लिए धान के स्थान पर दलहन, तिलहन, लघु धान्य व कपास बोने वाले कृषकों को 15 हजार रूपए प्रति एकड़ कृषक प्रोत्साहन राशि देने का प्रावधान किया गया है, जो पहले 11 हजार प्रति एकड़ था। साथ ही सभी प्रकार के खरीफ फसलों पर 10 हजार रूपए प्रति एकड़ प्रोत्साहन राशि का प्रावधान है।
जिले के किसानों ने रबी 2025-26 में 70 प्रतिशत हेक्टेयर क्षेत्र में गर्मी धान को छोड़कर फसल चक्र परिवर्तन किया। जिसमें मक्का सहित चना, मसूर, सरसों फसल की बोआई कर 19 करोड़ रूपए से अधिक राशि के उपज का विक्रय कर नया कीर्तिमान स्थापित किया है।
पीएम आशा योजना के माध्यम से जिले में प्रथम बार दलहन, तिलहन फसलों की समर्थन मूल्य पर खरीदी करते हुए 16224 क्विंटल चना, मसूर, सरसों फसलों का उपार्जन कर 9 करोड़ 37 लाख रूपए से अधिक राशि का उपार्जन किया गया है। उन्होंने बताया कि जिले में किसानों की आमदनी बढ़ी है और मक्के की खरीदी की जा रही है।
पॉपकार्न कंपनी से अनुबंध करके जिले के किसानों से 5 करोड़ रूपए का मक्का खरीदा गया है। सोयाबीन की खरीदी भी की जाएगी।
उप संचालक कृषि श्री टीकम सिंह ठाकुर ने बताया कि जिले में किसानों के लिए पर्याप्त उर्वरक एवं बीज का भंडारण है। खरीफ 2026 में समितियों के माध्यम से 45650 मीट्रिक टन का उर्वरक वितरण का लक्ष्य रखा है।
अब तक 34480 मीट्रिक टन का भंडारण (70 प्रतिशत) एवं 26183 मीट्रिक टन (76 प्रतिशत) का वितरण है। यूरिया 18500 मीट्रिक टन लक्ष्य के विरूद्ध 15459 मीट्रिक टन का भंडारण (83 प्रतिशत) अन्य उर्वरक जैसे डीएपी 3028 मीट्रिक टन, एनपीके 8200 मीट्रिक टन, पोटाश 3273 मीट्रिक टन, एसएसपी 4511 मीट्रिक टन का भंडारण कर वितरण किया जा रहा है। इसी प्रकार उन्नत प्रमाणित बीज वितरण हेतु 14331 क्विंटल बीज का समितियों में भंडारण जारी है।
जिले में किसानों को कृषि ऋण एवं पर्याप्त मात्रा में बीज और उर्वरक समय पर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से 43 नवीन सेवा सहकारी समितियों की स्थापना की गई है।
इस दौरान कृषक श्री एनेश्वर वर्मा एवं प्राकृतिक खेती करने वाली महिला स्वसहायता समूह की दीदी श्रीमती नीता साहू ने अपने अनुभव साझा किए।
कार्यक्रम में जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक मर्यादित राजनांदगांव के अध्यक्ष श्री सचिन बघेल, जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक मर्यादित राजनांदगांव के उपाध्यक्ष श्री भरत वर्मा, श्री संतोष अग्रवाल, कृषक श्री आलोक ठाकुर, कृषक श्री दाऊ राम शंकर, श्री जितेन्द्र वर्मा, श्री सुमीत उपाध्याय, श्री उत्तम साहू, वरिष्ठ कृषि वैज्ञानिक डॉ. गुंजन झा, एसडीएम श्री गौतम पाटिल, जनप्रतिनिधि, अधिकारी सहित बड़ी संख्या में कृषक उपस्थित रहे।










































