
➡️ कहा – सतनाम पंथ के संस्थापक बाबा गुरु घासीदास के विचार आज भी प्रासंगिक

राजनांदगांव। नगर निगम भाजपा के वरिष्ठ पार्षद शिव वर्मा ने कहा कि 18 दिसंबर को मनाई जाने वाली गुरु घासीदास जयंती सामाजिक समानता, सत्य और अहिंसा के महान संदेश को स्मरण करने का अवसर है। यह दिन सतनाम पंथ के संस्थापक बाबा गुरु घासीदास के जन्मदिवस के रूप में पूरे छत्तीसगढ़ सहित सतनामी समाज द्वारा श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाया जाता है।
श्री वर्मा ने आगे कहा कि बाबा गुरु घासीदास ने अपने जीवन और उपदेशों के माध्यम से जातिगत भेदभाव, ऊँच-नीच और सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ आवाज बुलंद की। उनका प्रसिद्ध संदेश मनखे-मनखे एक समान आज भी समाज को मानवता, भाईचारे और समान अधिकारों की दिशा में आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है। उन्होंने कहा कि गुरु घासीदास जयंती छत्तीसगढ़ के सांस्कृतिक और सामाजिक इतिहास का एक महत्वपूर्ण पर्व है। यह दिन सतनामी समाज के साथ-साथ पूरे प्रदेश के लिए प्रेरणास्रोत है, जो समाज में समरसता, शांति और सद्भाव को मजबूत करता है। उन्होंने ने आगे कहा कि गुरु घासीदास जयंती हमें यह संकल्प लेने का अवसर देती है कि हम समाज से नशाखोरी, भेदभाव, अंधविश्वास और अन्य सामाजिक बुराइयों को समाप्त करने के लिए एकजुट होकर कार्य करें। उनके बताए मार्ग पर चलकर ही एक सशक्त, समरस और न्यायपूर्ण समाज का निर्माण संभव है। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे बाबा गुरु घासीदास के आदर्शों को अपने जीवन में आत्मसात करें और सत्य, अहिंसा एवं समानता के मार्ग पर चलकर समाज और राष्ट्र के निर्माण में सकारात्मक भूमिका निभाएं।









































