
राजनांदगांव। चिखली-शांतिनगर क्षेत्र की विभिन्न समस्याओं को लेकर शुक्रवार को स्थानीय नागरिकों का आक्रोश सड़क पर देखने को मिला। बड़ी संख्या में नागरिक खैरागढ़ रोड पर एकत्र हुए और चक्काजाम कर विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने जमकर नारेबाजी करते हुए क्षेत्र के तीन पार्षदों के पुतले फूंके। प्रदर्शन की सूचना मिलने पर पुलिस प्रशासन भी मौके पर पहुंचा और स्थिति पर नजर बनाए रखी।
प्रदर्शनकारियों ने क्षेत्र में कथित रूप से बढ़ रही नशे की गतिविधियों को लेकर नाराजगी जताई। नागरिकों का आरोप है कि मोहल्ले के कई हिस्सों में सार्वजनिक स्थानों पर शराब पीने वालों का जमावड़ा लगा रहता है। कुछ स्थानों पर गांजा और शराब की बिक्री की शिकायतें भी सामने आने की बात नागरिकों ने कही। उनका कहना था कि सार्वजनिक जगहों पर इस तरह की गतिविधियों से महिलाओं और बच्चों सहित आम लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है तथा क्षेत्र का माहौल प्रभावित हो रहा है।
पार्षदों पर जनसमस्याओं की अनदेखी का आरोप
विरोध प्रदर्शन के दौरान नागरिकों ने स्थानीय पार्षदों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि क्षेत्र की समस्याओं को लेकर कई बार शिकायतें और ध्यानाकर्षण कराया गया, लेकिन अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई। नागरिकों ने कहा कि जनप्रतिनिधियों को नियमित रूप से क्षेत्र का दौरा कर समस्याओं की जानकारी लेकर संबंधित विभागों के माध्यम से उनका समाधान कराना चाहिए।
सड़क के गड्ढों से हादसे का खतरा
क्षेत्र की बदहाल सड़कों का मुद्दा भी प्रदर्शन के दौरान प्रमुखता से उठाया गया। नागरिकों के अनुसार कई स्थानों पर सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढे बने हुए हैं। इससे वाहन चालकों को आवागमन में परेशानी होती है और दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। लोगों ने संबंधित विभाग से गड्ढों की तत्काल मरम्मत कराने की मांग की।
अधूरे अंडरब्रिज को लेकर भी नाराजगी
चिखली-शांतिनगर क्षेत्र में अंडरब्रिज का काम अधूरा रहने को लेकर भी नागरिकों में नाराजगी रही।
प्रदर्शनकारियों का कहना था कि निर्माण कार्य पूरा नहीं होने के कारण लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। नागरिकों ने अंडरब्रिज का काम जल्द पूरा कराने की मांग की।
स्मार्ट मीटर और रीडिंग की समस्या भी उठी
प्रदर्शन के दौरान स्मार्ट मीटर लगाए जाने तथा मीटर रीडिंग से संबंधित समस्याओं का मुद्दा भी सामने आया। उपभोक्ताओं ने कहा कि मीटर और रीडिंग को लेकर आ रही शिकायतों का संबंधित विभाग द्वारा निराकरण किया जाना चाहिए। नागरिकों ने विद्युत विभाग से समस्याओं की जांच कर उचित समाधान की मांग की।
बोले नागरिक-समस्या नहीं सुलझा सकते तो इस्तीफा दें
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि पार्षद जनता के प्रतिनिधि होते हैं और क्षेत्र की समस्याओं को संबंधित विभागों तक पहुंचाकर उनका निराकरण कराने की जिम्मेदारी उनकी है। आक्रोशित नागरिकों ने कहा कि यदि जनप्रतिनिधि जनता की समस्याओं का समाधान कराने में सक्षम नहीं हैं और क्षेत्र की समस्याओं पर ध्यान नहीं दे सकते तो उन्हें अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए।
चक्काजाम के दौरान पुलिस प्रशासन की मौजूदगी रही। प्रदर्शनकारियों ने नशे की गतिविधियों पर कार्रवाई, सड़कों के गड्ढों की मरम्मत, अधूरे अंडरब्रिज का काम पूरा कराने तथा स्मार्ट मीटर और रीडिंग से जुड़ी समस्याओं के निराकरण की मांग की। नागरिकों ने चेतावनी दी कि समस्याओं का जल्द समाधान नहीं होने पर आंदोलन को आगे और तेज किया जाएगा।











































