
राजनांदगांव । गणेश पर्व के बाद जारी पितृपक्ष की 21 सितंबर को समाप्ति के अगले दिन से ही देशभर में नवरात्र का त्योहार शुरू हो जाएगा। इस बार दो चतुर्थी तिथि होने के चलते नवरात्र का पर्व दस दिनों का होने वाला है। मां की भक्ति वाले इस पर्व को खास बनाने की तैयारियां भी शुरू हो गई है, जहां मूर्तिकार मां की मूर्तियों को अंतिम रूप देने में जुट गए हैं। वहीं डोंगरगढ़ में लगने वाले मेले की भी तैयारियां तेज कर दी गई है। इसके साथ ही शहर सहित जिलेभर में गरबे का आयोजन कराने वाली समितियों ने भी साज-सजावट का दौर शुरू कर दिया है।

उल्लेखनीय है कि हर साल आश्विन माह के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से लेकर नवमी तिथि तक शारदीय नवरात्र मनाया जाता है। शारदीय नवरात्र के दौरान जगत जननी आदिशक्ति मां दुर्गा और उनके नौ रूपों की भक्ति-भाव से पूजा की जाती है। साथ ही उनके निमित्त नौ दिनों तक व्रत रखा जाता है। जगत की देवी मां दुर्गा की पूजा करने से भक्तजन की हर मनोकामना पूरी होती है। इस बार नवरात्र की शुरूआत 22 सितंबर से होने जा रही है। जिसका समापन एक अक्टूबर को नवमी के साथ होगा। पर्व को खास बनाने के लिए जहां मां के मंदिरों में विशेष तैयारियां की जा रही है। वहीं मूर्ति विराजने के लिए समितियां पंडाल बनवाने का काम भी शुरू करने वाली है। इस दौरान जिलेभर में जस के आयोजन भी देखने को मिलेंगे।
रोज नई थीम पर गरबा
ज्ञात हो कि शारदीय नवरात्र के अवसर पर गरबे का आयोजन भी किया जाता है। शहर में सामाजिक गरबा आयोजन के अलावा प्रमुख रूप से दो आयोजन होते आए हैं। इनमें संस्कारधानी गरबा समिति द्वारा शिवनाथ वाटिका और लायंस क्लब द्वारा गायत्री स्कूल मैदान के आयोजन शामिल हैं। संस्कारधानी गरबा समिति द्वारा आयोजित गरबे में इस बार काफिला बैंड की प्रस्तुति दस दिनों तक देखने को मिलेगी। वहीं लायंस क्लब के आयोजन में गरबा भजन गायक के साथ ही दुर्ग से विशेष ढोल जैसे कार्यक्रम रखे गए हैं।









































