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राजनांदगांव : राजनांदगांव की गणेश झांकी, हॉकी, हनुमान जयंती, रथ यात्रा, दशहरा उत्सव, महाकाल यात्रा यही संस्कारधानी की पहचान अनेकता में एकता – शिव वर्मा…

राजनांदगांव। राजनांदगांव जनमोर्चा के अध्यक्ष शिव वर्मा ने कहां कि राजनांदगांव संस्कारधानी की पहचान अनेक उत्सव से है। लंबे समय से विभिन्न प्रकार की उत्सव का आयोजन होता है। अनेक प्रकार की जाति धर्म होने के बाद भी उत्सव को एकजुटता एवं भाईचारे के साथ मनाते हैं यही संस्कारधानी राजनांदगांव की पहचान है। कैसे बदल सकते हैं राजनांदगांव की पहचान को यहां के राजाओं ने राजनांदगांव के बसावट शहर के सभी मेन रोड को नेशनल हाईवे से जोड़ा गया। यही विशेषता राजनांदगांव के है।

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श्री वर्मा ने आगे कहा कि हमारी रियासत के अन्तिम राजा या शासक राजा दिग्विजय दास जी निसन्देह दानवीर थे उनकी दानशीलता पर एवं उनकी उदारता पर प्रश्न चिन्ह नही लगाया जा सकता है। लेकिन बिना तथ्य के बिना किसी कारण के अनावश्यक बेवजह शहर को सहमति और असहमति के भंवरजाल मे फंसाने की क्या आवश्यकता है। और घोर आश्चर्य इस बात का है कि यह मांग जो उठाया जा रहा है उसका कोयी विशेष औचित्य नही है।

सभी राजा एक ही समाज के वर्ग से आते हैं और जिनकी गौरवशीलता से सभी समाज वर्ग अभिभूत है। और वह है भगवान विष्णु भगवान श्री कृष्ण के भक्त। नाम किसी एक राजा के नाम से करने का अर्थ है कि हम जाने – अनजाने उन सभी वैष्णव राजाओं का अपमान कर रहे हैं उक्त जानकारी राजनांदगांव जनमोर्चा के सचिव जीतू शर्मा ने दी।

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