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राजनांदगांव: शिक्षकों की नाराज़गी, आंदोलन की तैयारी तेज…

वेतन विसंगति और OPS सुधार को लेकर उठी आवाज़

राजनांदगांव। प्रदेश के वर्ग-3 शिक्षकों ने सरकार पर चुनावी वादे भूलने का आरोप लगाते हुए आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी है। शिक्षक संघर्ष मोर्चा से जुड़े जिला उपाध्यक्ष सुशील शर्मा ने स्पष्ट कहा कि “हम शिक्षकों को केवल 2%–3% डीए नहीं चाहिए, बल्कि हमें वह चाहिए जो घोषणा पत्र में वादा किया गया था।”

उन्होंने बताया कि कर्मचारियों की 22 अगस्त को प्रस्तावित मांगों की सूची में वर्ग-3 शिक्षकों की प्रमुख समस्याएं—वेतन विसंगति, क्रमोन्नति, सेवा गणना और पुरानी पेंशन योजना (OPS) में सुधार—शामिल नहीं हैं। इससे शिक्षकों में भारी असंतोष है।

सुशील शर्मा ने कहा कि प्रदेश में तीन लाख शिक्षक कार्यरत हैं और “जो तीन लाख शिक्षकों की बात करेगा वही छत्तीसगढ़ में राज करेगा।” उन्होंने शिक्षकों से आगामी रणनीति के लिए संघर्ष मोर्चा के दिशा-निर्देश का इंतजार करने की अपील की।

शिक्षकों ने यह भी कहा कि चुनाव के समय सरकार ने जो वादे किए थे और घोषणा पत्र में जो आश्वासन दिए गए थे, अब वही उनकी सबसे बड़ी मांग हैं। सुशील शर्मा ने इसे “मोदी जी की गारंटी जैसी पक्की गारंटी” बताते हुए शिक्षकों की मांगों को पूरा करने पर जोर दिया।

शिक्षक संघ ने साफ कर दिया है कि यदि मांगों पर जल्द सुनवाई नहीं हुई तो आंदोलन और उग्र रूप ले सकता है।

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