
राजनांदगांव, 30 जुलाई 2026 – ’पुनर्गठित वितरण क्षेत्र योजना (RDSS)’ के अंतर्गत विद्युत वितरण प्रणाली को सुदृढ़ एवं आधुनिक बनाने के लिए ’छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड, के क्षेत्रीय कार्यालय राजनांदगांव’ में एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता ’मुख्य अभियंता (परियोजना) रायपुर श्री एम. जामुलकर, राजनांदगांव क्षेत्र के मुख्य अभियंता श्री एच. के. मेश्राम] अतिरिक्त मुख्य अभियंता परियोजना श्री बी.के. कुमरे अतिरिक्त मुख्य अभियंता श्री मंगल तिर्की’ ने संयुक्त रूप से की।
इस अवसर पर ’राजनांदगांव वृत्त के अधीक्षण अभियंता श्री शंकेश्वर कंवर’ सहित वृत्त के सभी ’कार्यपालन अभियंता, परियोजना संभाग के कार्यपालन अभियंता एवं सहायक अभियंता’ उपस्थित थे। बैठक में राजनांदगांव, मोहला-मानपुर-अम्बागढ़ चौकी एवं खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिलों में चल रहे RDSS योजना के तहत किये जा रहे कार्यों की गहन समीक्षा की गई।
’बैठक में लिए गए महत्वपूर्ण निर्णय एवं निर्देश:-
’1. RDSS योजना के तहत चल रहे कार्यों की जिलेवार समीक्षा’
वरिष्ठ अधिकारियों ने बैठक में संबंधित ठेकेदार फर्मों के प्रतिनिधियों से सीधे चर्चा कर ’फीडर सेग्रीगेशन, फीडर बायफर्केशन और केबलिंग कार्यों’ की अद्यतन स्थिति की जानकारी ली। अधिकारियों ने कार्यों की धीमी प्रगति पर नाराजगी व्यक्त करते हुए गति बढ़ाने के निर्देश दिए।
’2. स्मार्ट मीटरिंग कार्यों पर विशेष जोर’
बैठक में ’स्मार्ट मीटरिंग’ के अंतर्गत ’डिस्ट्रीब्यूशन ट्रांसफार्मर (DT) मीटरिंग एवं उपभोक्ता मीटरिंग’ कार्यों की कड़ाई से समीक्षा की गई। ’मुख्य अभियंता (परियोजना) श्री जामुलकर ने निर्देश दिए कि मीटरिंग का कार्य निर्धारित लक्ष्य के अनुसार चरणबद्ध तरीके से पूर्ण किया जाए, ताकि उपभोक्ताओं को सटीक बिलिंग और बेहतर सेवाएं मिल सकें।
’3. समय-सीमा और गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं’
श्री जामुलकर ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि RDSS योजना के तहत स्वीकृत सभी कार्यों को ’निर्धारित समय-सीमा के भीतर और उच्च गुणवत्ता मानकों’ के साथ पूर्ण करना अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि ’कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही या गुणवत्ता से समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा’ और इसके लिए संबंधित अधिकारी एवं ठेकेदार सीधे तौर पर जिम्मेदार होंगे।
’4. नए 33/11 केवी सबस्टेशनों के निर्माण को मिली गति’
राजनांदगांव क्षेत्र के मुख्य अभियंता श्री एच. के. मेश्राम ने तीन जिलों में विद्युत आपूर्ति को और बेहतर बनाने के लिए प्रस्तावित नए ’33/11 केवी सबस्टेशनों’ के निर्माण कार्य को जल्द प्रारंभ करने के निर्देश दिए गए। इसके लिए अधिकारियों को संबंधित जिला प्रशासन से समन्वय कर ’भूमि आवंटन’ की प्रक्रिया तत्काल पूर्ण करने को कहा गया।
’5. पीएम-जगवा योजना को सर्वोच्च प्राथमिकता’
’प्रधानमंत्री जनजाति आदिवासी न्याय महाभियान (पीएम-जगवा योजना)’ के तहत चिन्हित विशेष रूप से कमजोर जनजाति समूहों के क्षेत्रों और हितग्राहियों को ’सर्वाेच्च प्राथमिकता’ के साथ विद्युत कनेक्शन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। अधिकारियों से कहा गया कि इस योजना का लाभ पात्र हितग्राहियों तक तय समय में पहुंचे, ताकि वे योजना का लाभ उठा सकें।
इस समीक्षा बैठक में अधिकारियों ने कहा कि RDSS योजना का मूल उद्देश्य तकनीकी और वाणिज्यिक हानियों को कम करना, वितरण अधोसंरचना को मजबूत करना और उपभोक्ताओं को 24*7 निर्बाध एवं गुणवत्तापूर्ण बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करना है।’ इसके लिए सभी विभागीय अधिकारी, मैदानी अमला और कार्य एजेंसियां आपसी समन्वय के साथ निर्धारित लक्ष्यों को समय पर प्राप्त करें।









































