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राजनांदगॉव : राहुल गांधी के पदचिन्हों पर चलते हुए कांग्रेसी कर रहे हैं अनर्गल प्रलाप: देवशरण सेन…

राजनांदगॉव 14 मार्च।। सांसद प्रतिनिधि, पूर्व पार्षद एवं वरिष्ठ भाजपा नेता देवशरण सेन ने कांग्रेसी कार्यकर्ताओं द्वारा राजनांदगॉव सांसद संतोष पाण्डे के पुतलादहन एवं उनके खिलाफ किये गये विरोध प्रदर्शन को नौटंकी करार देते हुए इसे प्रदेश में भाजपा के बढ़ते जनाधार एवं कांग्रेस पार्टी के घटते जनसमर्थन के कारण उपजी बौखलाहट का नतीजा बताया है।

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उन्होंने आरोप लगाया है कि प्रदेश में भाजपा द्वारा चलाये जा रहे अभियान, मोर आवास, मोर अधिकार, रोक के रखे है भूपेश सरकार, की अभूतपूर्व सफलता और कांग्रेस के झूठे घोषणापत्र और अपूर्ण चुनावी वायदों के कारण जनता के सामने हुई किरकिरी से लोगों का ध्यान भटकाने के लिये कांग्रेस पार्टी केन्द्र शासन पर बढ़ती मंहगाई और सांसद राजनांदगॉव की निष्क्रियता का आरोप लगाकर जनता का ध्यान भूपेश सरकार की विफलता से हटाने का तुच्छ राजनैतिक हथकंडा अपना रही है।

पूर्व पार्षद देवशरण ने बताया है कि विगत नौ सालों ने भाजपा ने देश के नागरिकों की राजनीतिक पसंद को उनकी रोजमर्रा की जिंदगी के सवालों से अलग करने में कामयाबी पा ली है, जिसकी पुष्टि उत्तर पूर्व के तीन राज्यों के विधानसभा चुनाव के नतीजों से प्रमाणित हुई है, जिसमें भाजपा का जनाधार बढ़ा है जबकि हाशिये पर सिमटी हुई कांग्रेस पार्टी अब विलुप्तता के कागार पर आ खड़ी हुई है।

वरिष्ठ भाजपा नेता देवशरण सेन ने कांग्रेसी नेताओं को आड़े हाथों लेते हुए कहा है कि कांग्रेस पार्टी के दुर्दशा का प्रमुख कारण उसके नेताओं का बचकाना एवं विरोधाभासी आचरण रहा है। अपने राष्ट्रीय नेता राहुल गांधी के पदचिन्हों पर चलते हुए कांग्रेसी नेताओं ने अनर्गल प्रलाप करते हुए जब वन्दे भारत ट्रेन को राजनांदगॉव में स्टापेज नहीं मिला था, तब इसे सांसद राजनांगॉव की निष्क्रीयता करार दिया और इस ट्रेन के शहर में स्टापेज की मांग की थी। जब सांसद पाण्डेय ने अपने त्वरित प्रयासों से इस ट्रेन को राजनांदगॉव में स्टापेज दिलवाया तो कांग्रेसी नेता कुलबीर छाबड़ा और आसिफ अली ने बेशर्मी की हदें पार करते हुए इसका श्रेय राज्यसभा के चार कांग्रेसी सांसदों को देते हुए समाचार पत्रों में बधाई का विज्ञापन तक छपा डाला।

अब पुनः मुद्दाविहीन कांग्रेस अपनी राजनैतिक जमीन बचाने के लिये फिर इस वन्दे भारत ट्रेन को केन्द्र की पूंजीवादी योजना का ज्वलंत उदाहरण बता रही है, जिससे जनता का आर्थिक भार झेलना पड़ता है, और इसे लागू करवाकर वाहवाही लूटने का संसाद पर आरोप लगा रहे हैं। सांसद प्रतिनिधि श्री सेन ने कटाक्ष करते हुए इसे कांग्रेसी नेताओं के वैचारिक दोगलापन करार देते हुए कहा है कि पहले कांग्रेस पार्टी स्वयं एकमत होकर यह वैचारिक निर्णय कर ले कि वन्दे भारत ट्रेन के राजनांदगॉव स्टापेज का श्रेय वे वर्तमान सांसद संतोष पाण्डे को देना चाहते हैं या अपने चार राज्यसभा सांसदो  को, दूसरा यह कि वन्दे भारत ट्रेन के राजनांदगॉव स्टापेज को लेकर उनका क्या रूख है,

 वे राजनांदगॉव में इस ट्रेन का स्टापेज चाहते हैं कि नहीं, तीसरा यह कि इस ट्रेन का आम गरीबों की पंहुच से दूर होना बता कर वह जनता को क्या साबित करना चाहते हैं क्योंकि वन्देभारत भारत, देश की पहली सेमी हाईस्पीट ट्रेन है। सांसद प्रतिनिधि देवशरण सेन ने भारतमाला परियोजना एवं डोंगरगढ़ कवर्धा रेल लाईन सर्वे सहित केन्द्रीय योजनाओं में प्रभावित पीड़ित किसानों को उचित मुआवजा का निर्धारण एवं वितरण नहीं करा सकने के सांसद संतोष पाण्डे पर लगे आरोप को भी कांग्रेस का छलावा करार दिया है। उन्होंने भूपेश सरकार पर आरोप लगाया है

कि केन्द्र को भूअर्जन का मुआवजा निर्धारण एवं वितरण राज्य शासन के प्रस्ताव के आधार पर ही करता है, किन्तु राज्य शासन इस पैसे को रोककर केन्द्र के विरूद्ध फर्जी मुद्दा भुनाने का प्रयास कर रही है। उल्टे मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भारत माला परियोजना के तहत पाटन क्षेत्र के निवासियों को दुगनी चौगनी कीमत का भूअर्जन प्रकरण बनवाया है और पाटन क्षेत्र से लगे राजनांदगॉव के देवादा क्षेत्र में आधी एवं चौथाई दर से भूअर्जन प्रकरण तैयार करवाकर भूअर्जन की प्रक्रिया को उलझाकर इसे अनावश्यक विलंबित कर किया है।

सांसद प्रतिनिधि ने दावा किया है कि यदि आज भी भूपेश सरकार भारतमाला परियोजना का उचित भू-अर्जन प्रकरण बनाकर केन्द्र शासन को भेजती है, तो सांसद मुआवजा दिलाने के लिये तत्पर हैं। सांसद प्रतिनिधि देवशरण सेन ने कांग्रेस पार्टी को जनहित से परे, मुद्दाविहीन एवं स्वार्थपरक राजनीति करने का आरोप लगाते हुए कहा है कि कांग्रेस पार्टी विगत विधानसभा चुनावों में दिल्ली, पश्चिम बंगाल एवं आंध्रप्रदेश में विधायकविहीन हो चुकी है, 

जबकि देश के सबसे बड़े प्रदेश यूपी में मात्र दो विधायक तक सिमट कर रह गई है। विगत दो लोकसभा चुनावों में भी कांग्रेस की दुर्दशा का दौर जारी रहा है जहॉ उसे लोकसभा के नेता प्रतिपक्ष का पद तक नसीब नही हो सका है, जिसके चलते कांग्रेस अपनी लुप्तप्रायः होते राजनैतिक अस्तित्व को जिन्दा रखने के लिये उलजलूल राजनैतिक स्टंट करके अपनी फजीहत करवाने से बाज नहीं आ रही है।   

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