back to top

रायपुर : संविदा नौकरी आत्महत्या के समान -अग्निवंशी…

रायपुर- 21 सहायक परियोजना अधिकारी के सेवा समाप्ति के बाद बिफरे मनरेगा कर्मचारियों ने हड़ताल के 64 वे दिन संविदा प्रथा का पुतला बनाकर उसे आत्महत्या करते हुए दिखाया गया। मनरेगा कर्मचारी प्रतीकात्मक रूप से यह दिखाना चाहते हैं कि संविदा में नौकरी करना आत्महत्या करने के समान है।

Advertisements

छत्तीसगढ़ मनरेगा कर्मचारी महासंघ के प्रांत अध्यक्ष चंद्रशेखर अग्निवंशी ने कहा कि विगत वर्षों में हमारे 3000 साथियों की बर्खास्तगी अथवा सेवा से स्वत पृथक हुए हैं। संविदा अधिनियम काला कानून हैं, इस काला कानून का उपयोग करते हुए एक झटके में 2 जून को हमारे 21 सहायक परियोजना अधिकारियों की सेवा समाप्ति की गई । सेवा समाप्ति करने के पूर्व एक बार भी नहीं सोचा गया कि यही वह 21 कर्मचारी हैं जिन्होंने छत्तीसगढ़ को विगत वर्षों में 31 राष्ट्रीय अवार्ड दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

क्रूरता पूर्वक कलम चलाते हुए अधिकारियों ने एक बार भी नहीं सोचा कि 10- 15 वर्षों से जो कर्मचारी जी जान लगाकर काम करते हैं सेवा समाप्ति के बाद उनके परिवार की स्थिति कैसी होगी। कांग्रेस सरकार ने अपने जन घोषणा पत्र में यह वादा किया गया था, कि समस्त संविदा कर्मचारियों की नियमितीकरण एवं किसी भी संविदा कर्मचारी की छटनी नहीं की जाएगी यह वादा की थी किंतु इसके विपरीत कड़ा दंडात्मक कार्रवाई की गई है।

Advertisements

You cannot copy content of this page