विकसित भारत जी-राम योजना से विकसित होंगे गांव…

मोहला 3 अगस्त 2026। विकसित भारत जी-राम (वीबीजी-जी राम) योजना के प्रभावी क्रियान्वयन एवं विभागीय अभिसरण सुनिश्चित करने के उद्देश्य से कलेक्टर श्रीमती तुलिका प्रजापति की अध्यक्षता में जिले के सभी विभागों की एकदिवसीय कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला में कृषि, उद्यानिकी, वन, मत्स्य पालन, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी (पीएचई), शिक्षा, स्वास्थ्य, क्रेडा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।


कार्यशाला में वीबीजी-जी राम योजना के प्रावधानों एवं विभिन्न विभागों की योजनाओं के अभिसरण के माध्यम से ग्राम विकास कार्यों को गति देने पर विस्तार से चर्चा की गई।

विभागों से अनुमोदित कार्यों के आधार पर अभिसरण योग्य योजनाओं की जानकारी ली गई तथा संबंधित प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए गए। बैठक में बताया गया कि योजना के तहत जिला स्तर पर 60:40 मजदूरी-सामग्री अनुपात का पालन किया जाएगा।

जल संरक्षण संबंधी कार्यों पर 30 प्रतिशत व्यय किया जाएगा। कृषि सीजन के दौरान 60 दिनों तक कार्य बंद रखने तथा पात्र हितग्राहियों को 125 दिनों तक अकुशल रोजगार उपलब्ध कराने के प्रावधानों की भी जानकारी दी गई।


कलेक्टर श्रीमती तुलिका प्रजापति ने मुक्तिधाम, बालिका शौचालय, वाटर रिचार्ज, स्कूलों में अतिरिक्त कक्ष, अस्पताल, आंगनबाड़ी एवं पीडीएस भवन जैसी आवश्यक आधारभूत संरचनाओं के निर्माण को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए।

उन्होंने जिले में तीन आदर्श ग्राम विकसित करने के लिए जनपद पंचायतों के सीईओ को आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक ग्राम पंचायत में अधिक से अधिक विकास कार्य अनुमोदित किए जाएं ताकि ग्रामीणों को पर्याप्त रोजगार उपलब्ध हो सके। साथ ही कार्यक्रम अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी ग्राम पंचायतों में स्वीकृत कार्यों का समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए।


कलेक्टर ने सभी विभागों को अभिसरण से संबंधित कार्यों के प्रस्ताव 15 दिनों के भीतर प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी कार्यों का चयन ग्राम सभा की स्वीकृति एवं ग्राम पंचायत की स्थानीय आवश्यकताओं के आधार पर किया जाए।

साथ ही आंगनबाड़ी, पीडीएस भवन, मुक्तिधाम एवं बालिका शौचालय जैसे निर्माण कार्यों को प्राथमिकता के साथ पूर्ण करने के निर्देश दिए।कार्यशाला में डीएफओ श्री दिनेश पटेल ने वन विभाग अंतर्गत पौधारोपण, नर्सरी विकास तथा वन प्रबंधन से जुड़े कार्यों को विभागीय अभिसरण के माध्यम से संचालित करने के प्रस्तावों की जानकारी देते हुए इन कार्यों को योजना से जोड़ने की बात कही।मोहला 3 अगस्त 2026।

विकसित भारत जी-राम (वीबीजी-जी राम) योजना के प्रभावी क्रियान्वयन एवं विभागीय अभिसरण सुनिश्चित करने के उद्देश्य से कलेक्टर श्रीमती तुलिका प्रजापति की अध्यक्षता में जिले के सभी विभागों की एकदिवसीय कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला में कृषि, उद्यानिकी, वन, मत्स्य पालन, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी (पीएचई), शिक्षा, स्वास्थ्य, क्रेडा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।


कार्यशाला में वीबीजी-जी राम योजना के प्रावधानों एवं विभिन्न विभागों की योजनाओं के अभिसरण के माध्यम से ग्राम विकास कार्यों को गति देने पर विस्तार से चर्चा की गई। विभागों से अनुमोदित कार्यों के आधार पर अभिसरण योग्य योजनाओं की जानकारी ली गई तथा संबंधित प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए गए।

बैठक में बताया गया कि योजना के तहत जिला स्तर पर 60:40 मजदूरी-सामग्री अनुपात का पालन किया जाएगा। जल संरक्षण संबंधी कार्यों पर 30 प्रतिशत व्यय किया जाएगा। कृषि सीजन के दौरान 60 दिनों तक कार्य बंद रखने तथा पात्र हितग्राहियों को 125 दिनों तक अकुशल रोजगार उपलब्ध कराने के प्रावधानों की भी जानकारी दी गई।


कलेक्टर श्रीमती तुलिका प्रजापति ने मुक्तिधाम, बालिका शौचालय, वाटर रिचार्ज, स्कूलों में अतिरिक्त कक्ष, अस्पताल, आंगनबाड़ी एवं पीडीएस भवन जैसी आवश्यक आधारभूत संरचनाओं के निर्माण को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए

उन्होंने जिले में तीन आदर्श ग्राम विकसित करने के लिए जनपद पंचायतों के सीईओ को आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक ग्राम पंचायत में अधिक से अधिक विकास कार्य अनुमोदित किए जाएं ताकि ग्रामीणों को पर्याप्त रोजगार उपलब्ध हो सके। साथ ही कार्यक्रम अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी ग्राम पंचायतों में स्वीकृत कार्यों का समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए।


कलेक्टर ने सभी विभागों को अभिसरण से संबंधित कार्यों के प्रस्ताव 15 दिनों के भीतर प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी कार्यों का चयन ग्राम सभा की स्वीकृति एवं ग्राम पंचायत की स्थानीय आवश्यकताओं के आधार पर किया जाए। साथ ही आंगनबाड़ी, पीडीएस भवन, मुक्तिधाम एवं बालिका शौचालय जैसे निर्माण कार्यों को प्राथमिकता के साथ पूर्ण करने के निर्देश दिए।कार्यशाला में डीएफओ श्री दिनेश पटेल ने वन विभाग अंतर्गत पौधारोपण, नर्सरी विकास तथा वन प्रबंधन से जुड़े कार्यों को विभागीय अभिसरण के माध्यम से संचालित करने के प्रस्तावों की जानकारी देते हुए इन कार्यों को योजना से जोड़ने की बात कही।