2023 में पारित महिला आरक्षण बिल लागू करे-हेमा देशमुख…

“400 पार का सपना
टूटा क्या…
अब नियम बदलकर जीत पक्की करने की तैयारी शुरू!
जनगणना बाद में होगी, सीटें पहले बढ़ेंगी…
और इसे कहते हैं — लोकतंत्र नहीं, ‘मैनेजमेंट’!”
“जब जनता पूरा साथ न दे,
तो खेल के नियम ही बदल दो…
सीटें बढ़ाओ, समीकरण सजाओ —
फिर कहो, ये तो ‘संविधानिक सुधार’ है!”
आरक्षण देना है तो 2023 में पास महिला आरक्षण बिल को 543 सीट में लागू करो सभी समर्थन करने को तैयार लेकिन चोरी छिपे परिसीमन कर राजनीति न करे, बिना जाति जनगणना के परिसीमन की तैयारी लोकतंत्र को खत्म करने की तैयारी भाजपा ने शुरू कर दी थी अपनी मर्जी से परिसीमन कर 850 सीट लाकर केरल तमिलनाडु जैसे दक्षिण के क्षेत्र के में महिलाओं की संख्या को कम कर आरक्षण करने की तैयारी थी वह महिलाओं को अधिकार देने की नियत में नहीं बल्कि अपनी सीट बढ़ाने की राजनीति कर रहे थे देश के लोकतंत्र को जो भारत देश की पहचान है उसको खत्म कर…. तानाशाह की राजगद्दी… भारत देश की जनता को बर्दाश्त नहीं है

हमारा लोकतंत्र हमें मजबूत करता है हमें अभिव्यक्ति की आजादी दिलाता है लेकिन भाजपा इस रणनीति के जरिए महिला आरक्षण बिल के जरिए अपनी राजनीतिक रोटी सेकने की कोशिश कर रहे थे.महिला आरक्षण बिल के बहाने परिसीमन बिल लाने की कोशिश कर रहे थे जो पूरी तरह असवैधानिक था 334 A के तहत आपने जो बिल लाये थे उसमें संशोधन कर आप महिला महिला आरक्षण बिल पास करना चाहते थे अगर आप सही में महिलाओं को आरक्षण देना चाहते हैं तो 2011 की जनगणना के अनुसार 2023 में जो बिल लाया गया है उसे तुरंत पास कर महिलाओं को आरक्षण दे ..