
राजनांदगांव से आज प्रधानमंत्री कौशल केंद्र की कौशल विकास यात्रा 2025 का शुभारंभ किया गया।

कार्यक्रम में चेयरमैन शैंकी बग्गा ने रथ यात्रा को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस यात्रा का उद्देश्य युवाओं को आधुनिक तकनीकी ज्ञान और एआई आधारित कौशल से जोड़ना है।
राजनांदगांव जिले में आज प्रधानमंत्री कौशल केंद्र से कौशल विकास यात्रा 2025 का शुभारंभ हुआ।
आईसेक्ट और विश्व रंग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस यात्रा का मकसद युवाओं को कृत्रिम बुद्धिमत्ता यानी एआई और आधुनिक कौशल प्रशिक्षण की दिशा में प्रेरित करना है।
यह यात्रा राजनांदगांव के महाविद्यालयों और स्कूलों से होते हुए एमएमसी, केसीजी मार्ग से कबीरधाम तक जाएगी।
इस दौरान छात्रों को रोजगारमुखी शिक्षा और भविष्य की तकनीकों की जानकारी दी जाएगी।
क्षेत्रीय प्रबंधक रूपेश देवांगन ने बताया कि यह केवल एक यात्रा नहीं, बल्कि युवाओं को भविष्य की तकनीक से जोड़ने का अभियान है।
एआई आधारित कौशल आने वाले समय में रोजगार की सबसे बड़ी कुंजी साबित होंगे।
रूपेश देवांगन, क्षेत्रीय प्रबंधक, आईसेक्ट
कार्यक्रम में चेयरमैन स्वास्थ्य एवं चिकित्सा तथा पार्षद शैंकी बग्गा विशेष रूप से मौजूद रहे।
उन्होंने कहा कि कौशल और तकनीक ही आत्मनिर्भर भारत की दिशा तय करेंगे।
शैंकी बग्गा, चेयरमैन स्वास्थ्य एवं चिकित्सा
कौशल ही असली पूंजी है। प्रधानमंत्री कौशल केंद्र युवाओं को एआई और आधुनिक तकनीक से जोड़कर उन्हें रोजगार के लिए तैयार कर रहा है। यह आत्मनिर्भर भारत की दिशा में बड़ा कदम है।
कौशल विकास यात्रा 2025 देश के 20 राज्यों के 300 जिलों में चलाई जा रही है। इसका उद्देश्य युवाओं को भविष्य की तकनीक से जोड़ना और उन्हें रोजगारमुखी बनाना है।”
यह यात्रा 500 से अधिक शैक्षणिक संस्थानों तक पहुंचेगी और युवाओं में कौशल, दक्षता और आत्मनिर्भरता का संदेश देगी।
कौशल विकास यात्रा युवाओं को नए युग की तकनीक से जोड़ने की दिशा में एक बड़ा कदम साबित हो सकती है।
ऐसे अभियानों से देश के युवाओं को आत्मनिर्भर और सक्षम बनाने की राह और मजबूत होगी।









































