

राजनांदगांव।
जिले के अंतिम छोर पर बसे ग्राम कोपेडीह-अंजोरा में कल्याणी इस्पात संयंत्र कंपनी का नवनिर्माण कार्य तेजी से जारी है। निर्माण कार्य के बीच स्थानीय ग्रामीणों द्वारा रोजगार की मांग लगातार उठाई जा रही है।
ग्राम पंचायत अंजोरा के पूर्व सरपंच शैलेश साहू ने बताया कि वे कंपनी प्रबंधन से स्थानीय लोगों को काम दिलाने के सिलसिले में मिलने पहुंचे थे, लेकिन कंपनी द्वारा ग्रामीणों को रोजगार नहीं दिया जा रहा है।
पूर्व सरपंच ने कहा कि बीते माह ग्राम अंजोरा में आयोजित जनसुनवाई कार्यक्रम में कंपनी प्रबंधन ने स्थानीय लोगों को रोजगार देने का आश्वासन दिया था। उसी के आधार पर वे ग्रामीणों के साथ कंपनी पहुंचे, लेकिन वहां प्रबंधन ने पुलिस का भय दिखाते हुए स्थानीयों से मुलाकात तक नहीं की और रोजगार देने से इंकार कर दिया।
उन्होंने आरोप लगाया कि कंपनी प्रबंधन मनमानी रवैया अपनाते हुए अपने चहेते लोगों को ही काम दे रही है, जबकि आसपास के बेरोजगार युवा रोजगार के लिए भटक रहे हैं।
स्थानीय निवासी रमेश यादव ने कहा कि “हमारे गांव के कई युवक तकनीकी योग्यता रखने के बावजूद बेरोजगार बैठे हैं। कंपनी बाहर के लोगों को काम दे रही है, जिससे यहां के युवाओं में नाराजगी है।”
दूसरी ओर, कंपनी प्रबंधन का कहना है कि “फिलहाल निर्माण कार्य प्रारंभिक चरण में है और सीमित कार्यबल की आवश्यकता है। जैसे-जैसे परियोजना आगे बढ़ेगी, स्थानीय लोगों को प्राथमिकता के आधार पर रोजगार दिया जाएगा।”
इस बीच, प्रशासनिक अधिकारियों ने भी मामले की जानकारी ली है। जनपद पंचायत राजनांदगांव के एक अधिकारी ने बताया कि “यदि कंपनी ने जनसुनवाई में रोजगार देने का आश्वासन दिया है तो उसका पालन किया जाना चाहिए। इस संबंध में कंपनी प्रबंधन से रिपोर्ट मांगी जाएगी।”
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि कंपनी स्थानीय लोगों को रोजगार देने में प्राथमिकता सुनिश्चित करे, ताकि क्षेत्र के बेरोजगार युवाओं को रोजगार का अवसर मिल सके और गांव का आर्थिक विकास हो सके।









































