
राजनांदगांव, 27 अक्टूबर। दीपोत्सव के पावन अवसर पर ओसवाल लाईन में वक्रतुंड मित्र मंडल एवं दीपचंद चित्रकला प्रशिक्षण केंद्र के संयुक्त तत्वावधान में रंगोली एवं चित्रकला प्रतियोगिता का भव्य आयोजन किया गया। आयोजन में प्रतिभागियों ने ऐसी-ऐसी सुंदर रंगोलियाँ सजाईं कि दर्शक देखते रह गए — यह रंगोली है या पेंटिंग!
कार्यक्रम का उद्देश्य छात्रों में छिपी कला प्रतिभा को उभारना था। प्रतियोगिता दो वर्गों में संपन्न हुई — “अ” वर्ग में ओसवाल लाईन कॉलोनी के प्रतिभागियों ने भाग लिया, वहीं “ब” वर्ग में दीपचंद चित्रकला प्रशिक्षण केंद्र के विद्यार्थियों ने अपनी कला का प्रदर्शन किया।

कार्यक्रम में वार्ड 37 के पार्षद जैनम बैद विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। साथ ही ओसवाल लाईन के वरिष्ठ गणमान्य नागरिक कैलाश बैद, दिलीप कोटडिया, शांता कोटडिया, कार्यक्रम संयोजक दीपचंद साहू, सह-संयोजक आशीष साहू तथा निर्णायक राजेश स्वर्णकर की गरिमामयी उपस्थिति रही।
निर्णायक श्री स्वर्णकर ने बताया कि इस वर्ष प्रतिभागियों द्वारा प्रस्तुत रंगोली और चित्रकला का स्तर अत्यंत उच्च रहा। हर प्रतिभागी की रचना उत्कृष्ट थी, जिससे निर्णय लेना कठिन रहा। उन्होंने कहा कि बच्चों को ऐसी प्रतियोगिताओं में भाग लेकर अनुभव और प्रमाण पत्र दोनों प्राप्त होते हैं, जो उनके कला विकास के लिए उपयोगी है।

परिणाम इस प्रकार रहे –
चित्रकला प्रतियोगिता
अ वर्ग: प्रथम – सुमेध गढ़पायले, द्वितीय – जयंत कालेश्वर, तृतीय – हर्षित साहू।
ब वर्ग: प्रथम – लाविका सिंह राजपूत, द्वितीय – युवराज गढ़पायले, तृतीय – वान्या साहू।
स वर्ग (सॉफ्ट पेस्टल पेंटिंग): प्रथम – हुमेश साहू, द्वितीय – राजेश अंदानी, तृतीय – विजय सोनकर।
रंगोली प्रतियोगिता
ओसवाल लाईन वर्ग: गोल्ड मैडल – प्रियंका सोनी, सिल्वर – मानसी जैन, ब्रॉन्ज – उन्नति सोनी।
दीपचंद चित्रकला प्रशिक्षण केंद्र वर्ग: प्रथम – मोनालिका साहू, द्वितीय – मेधा पारख, तृतीय – लाविका सिंह राजपूत।
कार्यक्रम के समापन अवसर पर पार्षद जैनम बैद ने आयोजक दीपचंद साहू एवं वक्रतुंड मित्र मंडल को बधाई देते हुए कहा कि यह आयोजन लगातार 15 वर्षों से कला-संवर्धन का प्रतीक बना हुआ है। ऐसे आयोजन शहर की पहचान को नई ऊंचाइयों पर ले जाते हैं।
समारोह में कैलाश बैद एवं दिलीप कोटडिया को सम्मानित किया गया। दीपचंद साहू को “कला प्रोत्साहन सम्मान”, शीतल साहू को “कलाविद् सम्मान”, राजेश स्वर्णकार को “निर्णायक सम्मान” एवं जैनम बैद को “अतिथि सम्मान” प्रदान कर स्मृति चिन्ह भेंट किया गया।
रंगोलियों से सजी ओसवाल लाईन दीपोत्सव की पूर्व संध्या पर रंग, रोशनी और कला की उजली मिसाल बन गई।









































