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मनरेगा बचाओ संग्राम: भर्रेगांव से सुरगी तक कांग्रेस की पदयात्रा, न्यूनतम मजदूरी और रोजगार पर हमले के खिलाफ उमड़ा जनसैलाब…

कांग्रेस पार्टी द्वारा चलाए जा रहे मनरेगा बचाओ संग्राम अभियान के तहत शनिवार को राजनांदगांव ब्लाक के ग्राम भर्रेगांव से पदयात्रा की शुरुआत की गई। इस जनआंदोलन की अगुवाई प्रदेश कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष दीपक बैज ने की। उनके साथ प्रदेश पदाधिकारियों के अलावा जिला अध्‍यक्षद्वय सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी, कार्यकर्ता और ग्रामीण मौजूद रहे।

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भर्रेगांव से शुरू हुई यह पदयात्रा मोखला, आरला, बुची भरदा, कोटराभाटा होते हुए लगभग सात किलोमीटर का सफर तय कर सुरगी पहुंची। मार्ग में जगह-जगह ग्रामीणों ने पदयात्रा का स्वागत किया और बड़ी संख्या में लोग इसमें शामिल होते चले गए। पूरे रास्ते कांग्रेस के झंडे लहराते रहे और भाजपा सरकार की मजदूर विरोधी नीतियों के खिलाफ नारे गूंजते रहे।

पदयात्रा के अंतिम पड़ाव सुरगी में आयोजित विशाल जनसभा में हजारों की संख्या में ग्रामीण, श्रमिक और मनरेगा हितग्राही शामिल हुए। जनसभा को संबोधित करते हुए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने भाजपा सरकार पर मनरेगा को कमजोर करने का गंभीर आरोप लगाया।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि मोदी सरकार की नीतियां सीधे तौर पर मजदूर विरोधी हैं और मनरेगा को कमजोर करना इसी साजिश का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि ‘सुधार’ का नाम लेकर केंद्र सरकार ने लोकसभा में एक ऐसा बिल पारित कराया है, जो दुनिया की सबसे बड़ी रोजगार गारंटी योजना मनरेगा को धीरे-धीरे खत्म करने का रास्ता खोलता है।

उन्‍होंने कहा कि अब केंद्र सरकार तभी राशि जारी करेगी, जब राज्य पहले 50 प्रतिशत मैचिंग ग्रांट जमा करें। जबकि देश के अधिकांश राज्यों की वित्तीय स्थिति किसी से छिपी नहीं है। ऐसे में साफ है कि यह व्यवस्था जानबूझकर मनरेगा को असफल बनाने के लिए लाई गई है। जैसे-जैसे राज्यों पर बजट का दबाव बढ़ेगा, वैसे-वैसे मनरेगा को बंद करने की मजबूरी पैदा की जाएगी।

उन्होंने चेतावनी दी कि फंड खत्म होने पर या फसल के मौसम का हवाला देकर मजदूरों को महीनों तक रोजगार से दूर रखा जा सकेगा। यह न सिर्फ मनरेगा की आत्मा के खिलाफ है, बल्कि सामाजिक न्याय और संविधान की मूल भावना पर भी सीधा प्रहार है। बैज ने कहा कि कांग्रेस पार्टी मनरेगा को खत्म करने की इस साजिश के खिलाफ सड़क से संसद तक संघर्ष करेगी और मजदूरों के हक की लड़ाई पूरी ताकत से लड़ेगी।

मंच से बैज ने भाजपा सरकार के धान घोटाले पर भी चुटकी ली। उन्‍होंने कहा कि हमारे प्रदेश का धान मुसवा खा रहे हैं। उन्‍होंने कहा कि छत्‍तीसगढ़ में 14 मुसवा हैं जो धान खा रहे हैं। एक ओर किसानों का धान नहीं खरीदा जा रहा है तो दूसरी ओर केंद्रों से करोड़ों का धान गायब हो रहा है।

विधायक दलेश्‍वर साहू व भोलाराम साहू ने कहा कि मनरेगा ने गांवों में बेरोजगारी रोकने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने का काम किया है, लेकिन भाजपा सरकार के नए नियमों से मजदूरों का भरोसा टूट रहा है। विधायक हर्षिता स्‍वामी ने कहा कि कांग्रेस मजदूरों के हक की इस लड़ाई को हर पंचायत तक ले जाएगी।

जिला शहर कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष जितेंद्र मुदलियार ने कहा कि मनरेगा को कमजोर करना सीधे-सीधे गरीबों की थाली से निवाला छीनने जैसा है। यह पदयात्रा मजदूरों के सम्मान और अधिकार की लड़ाई है। भाजपा के तुष्टिकरण ने ग्रामीणों से उनका निवाला छीनने का काम किया गया है। जिला ग्रामीण कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष विपिन यादव ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में मनरेगा से रोजगार, पानी संरक्षण और विकास के काम हुए हैं। भाजपा सरकार की नीतियां गांव और गरीब को तबाह करने वाली हैं।

सभा के अंत में कांग्रेस नेताओं ने ऐलान किया कि मनरेगा बचाओ संग्राम अभियान को और तेज किया जाएगा और पूरे जिले में चरणबद्ध आंदोलन किया जाएगा।

इस दौरान विधायक दलेश्वर साहू, भोला राम साहू, हर्षिता बघेल प्रदेश महामंत्री शाहिद भाई, दीपक दुबे, दीपक मिश्रा, थानेश्वर पाटिला, बृजेश शर्मा, ओबीसी कांग्रेस राष्ट्रीय समन्वयक गिरीश देवांगन, पूर्व विधायक छन्नी साहू, पूर्व विधायक भुनेश्वर बघेल, भागवत साहू, रमेश राठौर, कुतुबुद्दीन सोलंकी, पदम कोठारी, नवाज खान, रूपेश दुबे, मेहुल मारू, आफताब आलम, हेमा देशमुख, संतोष पिल्‍ले, चेतन भानुशाली, लक्ष्मण साहू, रोहित चंद्राकर, निलांबर वर्मा, गुलाब वर्मा, महेंद्र यादव, विभा साहू, चित्रलेखा वर्मा, चुम्मन साहू, इकरामुद्दीन सोलंकी, कमलजीत पिंटू, अशोक पंजवानी, प्रेम रुपचंदानी, अंगेश्‍वर देशमुख, अब्दुल कलाम, हरीश भंडारी, प्रेम चंदेल, राहुल तिवारी, रितेश मेश्राम, अशोक फडणवीस, पंकज बांधव, वीरेंद्र बोरकर, प्रदीप शर्मा, रोहित चंद्राकर, मोहनिश धनकर, शुभम पांडे, राजिक सोलंकी, महेश यादव, युवराज भारती, मुकेश साहू, मोहन साहू, मोहित साहू, सीताराम श्रीवास, नरेश साहू, भगवानदास सोनकर, राहुल साहू, साधना साहू, सुग्रीव साहू, मेघराज चंद्राकर, एकता चंद्राकर, बल्‍लू चंद्राकर, मानसिंह साहू, शैलेष साहू, परस साहू, दीपक साहू, बृजदास मारकंडे, नंदलाल बांधे, लेखू यादव, गोलू नायक, अवधेश प्रजापति, चैतराम साहू, चंपा चंद्राकर, चेतन चंद्राकर, वीरेंद्र साहू, देवेंद्र साहू, रीतू साहू, गजेंद्र राजपूत, धीरेंद्र जांगड़े, त्रिलोक साहू, तुकज साहू, हेमशंकर साहू, हेमंत साहू मूलचंद जैन, सन्‍नी साहू, भेष साहू, बिल्‍ल साहू, ताराचंद साहू, गौतम निषाद, चैन साहू, उमर ठाकुर, ललित कुमार, राका साहू, रमेश साहू, पुनीत भारती, हिमालय बांधे, टिंकू खान, टिकेश साहू, राममूरत वर्मा, सुग्रीव साहू, मूलचंद जैन, तुकज साहू, दिलीप चंद्राकर, शिशुपाल भारती सहित बड़ी संख्‍या में कांग्रेसजन उपस्थित थे।

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