
मोहला 3 फरवरी 2026। जिले में प्रारंभिक बाल्यावस्था विकास ईसीडी को सुदृढ़ करने तथा मातृ-शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से कलेक्टर श्रीमती तुलिका प्रजापति की अध्यक्षता में आज कलेक्टोरेट सभाकक्ष में जिला पोषण समिति की बैठक सह एक दिवसीय संयुक्त कार्ययोजना कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस अवसर पर सीईओ जिला पंचायत श्रीमती भारती चंद्राकर, अपर कलेक्टर श्री मिथलेश डोंडे, सीएमएचओ श्री विजय खोबरागड़े, महिला एवं बाल विकास अधिकारी श्री सीएस मिश्रा, स्वास्थ्य विभाग एवं महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।

बैठक में एनीमिया, कुपोषण एवं बाल मृत्यु दर में कमी लाने तथा समग्र बाल विकास को बढ़ावा देने हेतु विभागीय समन्वय के साथ ठोस एवं संयुक्त रणनीति पर विस्तृत चर्चा की गई। कलेक्टर श्रीमती प्रजापति ने कहा कि गर्भावस्था से लेकर छह वर्ष तक की आयु अवधि में माताओं एवं बच्चों को प्रदत्त स्वास्थ्य एवं पोषण सेवाओं का क्रियान्वयन समयबद्ध, प्रभावी एवं समन्वित रूप से सुनिश्चित किया जाए। कार्यशाला के दौरान गर्भवती एवं धात्री महिलाओं की नियमित स्वास्थ्य निगरानी, एनीमिया की समय पर जांच एवं उपचार, कुपोषित बच्चों की शीघ्र पहचान एवं उचित प्रबंधन, शिशु एवं बाल आहार व्यवहार को प्रोत्साहित करने तथा स्वास्थ्य एवं महिला एवं बाल विकास विभाग की योजनाओं के एकीकृत क्रियान्वयन पर विशेष फोकस किया गया।
कलेक्टर श्रीमती प्रजापति ने निर्देश दिए कि स्वास्थ्य विभाग एवं महिला एवं बाल विकास विभाग आपसी समन्वय एवं संयुक्त उत्तरदायित्व के साथ निर्धारित कार्ययोजना को जमीनी स्तर पर प्रभावी ढंग से लागू करें, जिससे जिले में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य संकेतकों में सुधार, एनीमिया एवं कुपोषण में उल्लेखनीय कमी तथा बाल मृत्यु दर पर प्रभावी नियंत्रण सुनिश्चित किया जा सके। उन्होंने सभी अधिकारियों को संयुक्त जिम्मेदारी के साथ कार्य करते हुए प्रारंभिक बाल्यावस्था विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए।
बैठक में जिला कार्यक्रम अधिकारी, जिला कार्यक्रम प्रबंधक, जिला पोषण समन्वयक, खंड चिकित्सा अधिकारी, परियोजना अधिकारी एकीकृत बाल विकास सेवा, मितानिन जिला समन्वयक, विकासखंड समन्वयक सहित जिला एवं विकासखंड स्तर के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।









































